ऑपरेशन समुद्र सेतु: ईरान में फंसे 687 भारतीयों को लेकर तमिलनाडु पहुंचा INS जलाश्व

नई दिल्ली। भारतीय युद्धपोत आईएनएस जलाश्व बुधवार को ऑपरेशन समद्र सेतु के तहत ईरान के बंदर अब्बास पर फंसे 687 भारतीयों को लेकर तमिलनाडु के तूतीकोरिन बंदरगाह पर पहुंचा। बता दें कि, तूतुकुड़ी, कन्याकुमारी और तमिलनाडु के तटीय जिलों के मछुआरे लॉकडाउन के कारण ईरान में फंस गए थे। जिसके बाद मछुआरों ने भारत सरकार से वापस लौटने का अनुरोध किया था। जिसके बाद सरकार ने उनकी वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी।

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    INS Jalashwa brings back 687 stranded Indians from Bandar Abbas Iran under Operation Samudra Setu

    ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत ईरान में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए नौसेना का युद्ध पोत आईएनएस जलाश्व 25 जून को बंदर अब्बास बंदरगाह पहुंचा। यहां सभी जरूरी चिकित्सा और सामानों की जांच के बाद 687 भारतीय नागरिक जहाज में सवार हुए। इससे पहले 11 जून को, आईएनएस शार्दुल ईरान से 233 भारतीयों को वापस ले आया था। कोरोनो वायरस महामारी के बीच विदेशों में फंसे नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन समुंद्र सेतु वंदे भारत मिशन का एक हिस्सा है।

    भारतीय नौसेना ने भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 8 मई को ऑपरेशन समुंद्र सेतु लॉन्च किया था। इससे पहले 2 जून को नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व श्रीलंका में फंसे 685 भारतीयों को लेकर तमिलनाडु के तूतीकोरिन पहुंच था। इस शिप में 553 पुरुषों, 125 महिलाओं और सात बच्चों थे। इससे पहले जलाश्व मालदीव की राजधानी माले से 1286 लोगो को सुरक्षित कोच्चि लेकर आ चुकी है। ऑपेरशन समुद्र सेतु -2 के तहत, विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने का काम एक जून से शुरू हुआ है।

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