'मणिपुर हिंसा खत्म करने की हो पहल, दोनों समुदाय मिलकर निकालें हल', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया आह्वान
Rajnath Singh in Mizoram: मिजोरम में एक चुनावी जनसभा के दौरान रक्षा मंत्री व दिग्गज बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों भारत के ये हिस्सा शांतिपूर्ण रहा। लेकिन जब यहां अशांति थी तो कांग्रेस के राजनेता को मणिपुर जाने से मना किया गया, लेकिन इसके बावजूद वो वहां गए। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने मणिपुर आशांति के दौरान राजनीति करने की कोशिश की। लेकिन अब हालात सामान्य हो रहे हैं। सिंह ने दावे के साथ कहा कि राज्य हुई हिंसा से लोगों को घाव तभी भरेंगे जब उन्हें राजनीति से दूर रखा जाएगा।
चुनावी राज्य मिजोरम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार (1 नवंबर) को बीजेपी के अभियान के तहत आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। इस दौरान मंच से उन्होंने पूर्वोत्तर में फैली आशांति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर में लोग अपनों को खोने का दर्द तभी भुला पाएंगे जब उन्हें समस्या या पीड़ा का राजनीतिकरण ना किए जाए।

रक्षा मंत्री ने मंच से कहा, "जब मणिपुर में अशांति थी, तो कांग्रेस ने इसमें राजनीति करने की कोशिश की। उनके राजनीतिक नेता न जाने के लिए कहे जाने के बावजूद वहां गए। मुझे विश्वास है कि लोगों के घाव भर जाएंगे।" वे तभी ठीक होंगे जब उन्हें राजनीति से दूर रखा जाएगा। "
रैली में राजनाथ सिंह ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल यानी पिछले 9 वर्षों में पूर्वोत्तर के राज्यों में शांति रही। उन्होंने कहा, "पिछले नौ वर्षों में, पूर्वोत्तर शांतिपूर्ण रहा, हर राज्य में उग्रवाद या तो समाप्त हो गया या कम हो गया, लेकिन इस साल मणिपुर में जो दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा हुई, वह हम सबके लिए बेहद दर्दनाक थी। मैं ईमानदारी से आपको बताना चाहूंगा कि किसी भी राजनीतिक दल ने इस हिंसा का नेतृत्व नहीं किया। मैं किसी भी राजनीतिक दल पर आरोप नहीं लगाना चाहूंगा। कुछ ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई जिसके कारण यह हिंसा हुई...मणिपुर में दो समुदायों के बीच, कुछ स्थिति और असुरक्षा उत्पन्न हुई जिसके कारण यह हिंसा हुई। इसे समाप्त करने के लिए, मैं मणिपुर में दोनों समुदायों से अनुरोध करूंगा कि वे एक साथ बैठें और इस समस्या का समाधान करें।"












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