'देख क्या रहे हो गोली चलाओ', इंदिरा गांधी के हत्यारे ने अपने साथी को भी दी थी धमकी, नहीं जानते होंगे ये किस्सा
Indira Gandhi Death anniversary: 31 अक्टूबर 1984 को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इंदिरा गांधी के ही दो सुरक्षाकर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने उनकी हत्या कर दी थी। बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने कथित तौर पर 1984 के जून में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान सिखों के अपमान और स्वर्ण मंदिर के अपमान का बदला लेने के लिए इंदिरा गांधी पर पॉइंट ब्लैंक रेंज से 30 से अधिक गोलियां चलाईं।
इंदिरा की हत्या ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया, जिससे भारत में अब तक की सबसे भयानक सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। केवल तीन दिनों में लगभग 3,350 सिखों (सरकारी अनुमान) का नरसंहार किया गया, जिनमें से 2,800 दिल्ली में ही मारे गए। आइए जानें आज से 39 साल पहले हुए इस दिन के बारे में?

31 अक्टूबर 1984 को आइरिश डायरेक्टर पीटर उस्तीनोव इंदिरा गांधी पर डॉक्युमेंट्री बनाने के लिए उनका इंटरव्यू के लिए दिल्ली आए थे। इंदिरा गांधी उनसे मिलने के लिए अपने आवास से बाहर निकली थीं। 31 अक्टूबर की सुबह लगभग 09 बजकर 06 मिनट पर इंदिरा गांधी के ही दो सुरक्षाकर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने उनपर गोलियां चलाई और हत्या कर दी।
सबसे पहले इंदिरा गांधी पर बेअंत सिंह ने दो गोलियां चलाीं। इतने में वो जमीन पर गिर गईं। इसके बाद बेअंत सिंह ने अपने साथी सतवंत से कहा, 'तुम क्या देख रहे हो, गोली चलाओ।'
उसके बाद सतवंत ने अपनी ऑटोमैटिक कार्बाइन से इंदिरा गांधी पर लगभग 30 से ज्यादा गोलियां चलाई। हालांकि इस दौरान इंस्पेक्टर रामेश्वर दयाल इंदिरा गांधी को बचाने के लिए आगे बढ़े लेकिन वो भी गोलियों की बौछार से सहम गए। इसके बाद बेअंत सिंह को मौके पर ही मार गिराया गया और सतवंत सिंह को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या कहा था पुलिस ने अपनी चार्जशीट में?
पुलिस ने उस वक्त चार्जशीट में लिथा था कि, बेअंत सिंह ने बदला लेने की प्रवृत्ति से ये सब किया था। पुलिस ने कहा था कि हालांकि बेअंत सिंह पहले ऐसा नहीं था, वो बिल्कुल धार्मिक प्रवृत्ति का नहीं था लेकिन ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद वह बदल गया था। अपने चाचा केहर सिंह के साथ वो गुरुद्वारा जाने लगा था। केहर सिंह ने ही उसे ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेने के लिए उकसाया था। इंदिरा गांधी की हत्या से 15 दिन पहले ही बेअंत सिंह ने अमृत छका था ।
बेअंत सिंह ने सतवंत को भी दे दी थी धमकी
बेअंत सिंह ने एक दिन पगड़ी बांधते हुए सतवंत सिंह से वॉशरूम में कहता है कि, देखो पंजाब में कितना बुरा हो रहा है। इसकी कीमत इंदिरा गांधी को जान देकर चुकानी होगी। इसके बाद से ही दोनों के बीच इंदिरा गांधी की हत्या को लेकर योजना बनाई जाने लगी।
हत्या से पहले बेअंत सिंह और सतवंत को केहर सिंह के यहां अमृतसर जाना था। लेकिन सतवंत सिंह नहीं गया। उसके बाद बेअंत सिंह जब अमृतसर से दिल्ली आया तो उन्होंने सतवंत से कहा कि अगर उसने धोखा दिया तो उसे भी गोली मारकर वो ढेर कर देगा। हत्या वाले दिन के लिए बेअंत और सतवंत दोनों ने अपनी ड्यूटी रात से बदलकर सुबह की करवा ली थी।
बता दें कि सतवंत सिंह और केहर सिंह को 6 जनवरी 1989 को उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी।












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