ऑपरेशन गंगा: भारतीय छात्रों को सुमी से निकालना किया शुरू, 12 बसों में सवार 694 लोग
सुमी, 08 मार्च: यूक्रेन ने रूस की तरफ से मानवीय कॉरिडोर्स खोले जाने के बाद सुमी से विदेशी छात्रों सहित आम लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। भारत की तरफ से ऑपरेशन गंगा के तहत मंगलवार सुबह 10 बजे (मास्को समय) से रूसी युद्धविराम की घोषणा के बाद यूक्रेन के सुमी से पोल्टावा तक फंसे अपने नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी जानकारी देते हुए बताया था कि सुमी में फंसे सभी 694 भारतीय छात्र निकाले जा रहे हैं। सभी छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

12 बसों वाला भारतीय काफिला रवाना
भारत अपने नागरिकों को चेर्निहाइव, सुमी, खारकीव और मारियुपोल में फंसे लोगों का निकाल रहा है। इंडियन वर्ल्ड फोरम के अध्यक्ष पुनीत सिंह चंडोक के अनुसार, 12 बसों वाला भारतीय काफिला आज सुमी से रवाना हुआ है और सुमी से सभी भारतीयों को निकाला गया है। भारतीय दूतावास और रेड क्रॉस के अधिकारी उन्हें एस्कॉर्ट कर रहे हैं।काफिले में भारत के अलावा बांग्लादेशी और नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। वहीं चंडोक ने कहा कि वे वर्तमान में पोल्टावा के रास्ते में हैं।
694 भारतीय छात्र बसों में सवार
लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक भारतीय नागरिकों का काफिला पोल्टावा क्षेत्र में पहुंच गया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन के सूमी में फंसे सभी 694 भारतीय छात्र आज पोल्टावा के लिए रवाना हो गए हैं।
यूक्रेन में फंसे भारतीयों के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "कल रात, मैंने नियंत्रण कक्ष से जांच की, 694 भारतीय छात्र सूमी में फंसे हुए हैं। आज वे सभी पोल्टावा के लिए बसों में रवाना हुए हैं।" इस बीच कीव में भारतीय दूतावास ने मायकोलाइव पोर्ट में फंसे 75 भारतीय नाविकों को निकाला।












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