यूक्रेनी पत्नी और बेटे को युद्ध क्षेत्र से निकालने के लिए भारतीय युवक ने मांगी PM मोदी से मदद
नई दिल्ली, मार्च 07। यूक्रेन में फंसे भारतीयों और स्थानीय नागरिकों को वहां से निकालने का काम अभी भी जारी है। ऐसे में सोशल मीडिया के जरिए वहां फंसे लोग स्थानीय प्रशासन और भारत सरकार से लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश के रहने वाले दिपांशु प्रताप सिंह राणा की अपील सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। दरअसल, 32 साल के दिपांशु यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई करने गए थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने यूक्रेन की एक लड़की से शादी कर ली और अब उनका परिवार यूक्रेन में ही फंसा है।

तीन दिन से बंकर में फंसा है परिवार
दिपांशु ने सोशल मीडिया के जरिए भारतीय अधिकारियों से ये मदद मांगी है कि उनके परिवार को यूक्रेन से बाहर निकाला जाए। पिछले तीन दिन से एक बंकर में फंसे दिपांशु के परिवार में उनकी 25 वर्षीय पत्नी नतालिया और उनका 4 महीने का बेटा रेयान शामिल है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, दिपांशु और उसके परिवार को भारतीय नागरिकता और वीजा की कमी के कारण वहां से निकलने से रोका जा रहा है।
भारत सरकार से मांगी इमरजेंसी वीजा की मदद
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में यूक्रेन से राजस्थान लौटे कुछ भारतीय छात्रों ने दिपांशु प्रताप सिंह राणा से संपर्क किया था। वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल के दौरान दिपांशु राणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मदद की गुहार लगाई है। इस दौरान राणा ने कहा है कि भारत सरकार उनके परिवार को यूक्रेन से निकालने के लिए इमरजेंसी वीजा की स्वीकृति प्रदान करे और राणा ने इस दौरान राणा ने उनके बेटे को भारतीय नागरिकता देने का भी आग्रह किया है।
दिपांशु की अपील पर कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय ने संयुक्त सचिव (यूरेशिया डिवीजन), आदर्श स्विका को प्रतिनियुक्त किया, लेकिन अभी तक फंसे जोड़े तक कोई मदद नहीं पहुंची। वहीं दिपांशु राणा से बात करने वाले चर्मेश शर्मा ने बताया है कि वो किसी तरह से मोल्दोवा बोर्डर के पास पहुंचने में कामयाब रहे थे, जहां पड़ोसी देश में प्रवेश करने के लिए लोगों की 10 किमी लंबी कतार थी।












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