रेलवे की इस पहल से यात्रियों और रेलवे दोनों का होगा फायदा, जल्द दिखेगा बदलाव
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे राजधानी, दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में एसी सेकंड क्लास को एसी थर्ड क्लास से बदल सकता है। रेलवे उन जगहों पर ऐसा करने की योजना बना रहा है, जहां इन प्रीमियम ट्रेनों के एसी सेकंड क्लास में यात्रियों की संख्या कम है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह ये है कि फ्लेक्सी फेयर स्कीम आने के बाद इन ट्रेनों में किराया काफी बढ़ा है। एसी सेंकड क्लास का किराया कई सेक्टरों में फ्लाइट के किराए जितना है।

एसी सेकंड क्लास में घटे हैं यात्री
फ्लेक्सी फेयर स्कीम के आने से रेलवे को 862 करोड़ की एक्सट्रा आमदनी हुई है। आरक्षित सीटों में भी पांच फीसदी की बढ़ोतरी हाल के समय में देखने को मिली है। वहीं कुछ खास क्लास खासतौर से एसी सेकंड और फर्स्ट क्लास में यात्रियों का आकर्षण कम हुआ है। इसकी बड़ी वजह कई बार इसके फ्लाइट के बराबर या उससे महंगा हो जाना भी है। इसके चलते मुसाफिर फ्लाइट की ओर गए हैं।

एसी थर्ड क्लास देता है ज्यादा आमदनी
उन सेक्टरों में जहां राजधानी और दुरंतों का एसी सेकंड क्लास का किराया फ्लाइट्स के बराबर है, वहां इसे एसी थर्ड क्लास से रिप्लेस करने की योजना है। एसी थर्ड क्लास को सेकंड क्लास से ज्यादा यात्री मिलते हैं और वो रेलवे को मुनाफा भी ज्यादा देता है। एसी थर्ड क्लास के अलावा सभी आरक्षित क्लास घाटे में हैं। रेलवे बोर्ड ने रेलवे मंत्रालय के अधीकारियों को इस पर ध्यान देने और एक प्लान तैयार करने को कहा है।

2018-19 में बन रहे 1000 नए एसी थर्ड क्लास कोच
रेलवे ज्यादा से ज्यादा थर्ड एसी कोच ट्रेनों में शुरू करना चाहता है ताकि यात्रियों को भी इसका लाभ मिले और रेलवे को भी ज्यादा आमदनी हो। 2018-19 में रेलवे 1000 नए एसी थर्ड क्लास कोच बना रहा है, जो एक रिकॉर्ड है। बीते साल 778 कोच बने थे।












Click it and Unblock the Notifications