ट्रेनों में वाई-फाई देने की योजना को केंद्र सरकार ने किया ड्रॉप, जानें वजह
नई दिल्ली, अगस्त 04: केंद्र सरकार ने साल 2019 में ट्रेनों में वाई-फाई सुविधा देने का ऐलान किया था। लेकिन अब सरकार ने इस योजना को छोड़ने का फैसला किया है। सरकार ने बुधवार को संसद को सूचित किया कि, रेलवे ने ट्रेनों में इंटरनेट कनेक्शन प्रदान करने की परियोजना को छोड़ दिया है, क्योंकि उस किफायती लागत में लागू करने में कई परेशानियां आ रही थीं।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में सैटेलाइट संचार तकनीक के माध्यम से वाई-फाई आधारित इंटरनेट सुविधा प्रदान की गई थी। बैंडविड्थ शुल्क के रूप में आवर्ती लागतों के साथ यह तकनीक पूंजी गहन थी और इस प्रकार, लागत प्रभावी नहीं थी। साथ ही, यात्रियों के लिए इंटरनेट बैंडविड्थ की उपलब्धता अपर्याप्त थी।
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उन्होंने कहा कि इसलिए परियोजना को छोड़ दिया गया है। वर्तमान में ट्रेनों में वाई-फाई आधारित इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उपयुक्त लागत वाली प्रभावी तकनीक उपलब्ध नहीं है। पूर्व रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 2019 में कहा था कि केंद्र अगले चार से साढ़े चार साल में ट्रेनों में वाईफाई सेवा देने की योजना बना रहा है। हालांकि सरकार द्वार स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
वर्तमान में, भारतीय रेलवे द्वारा 6,000 से अधिक स्टेशनों पर सेल्फ सस्टेनेबल बेस्ड पर राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर को बिना किसी लागत के वाई-फाई सुविधा प्रदान की जा रही है। रेल मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) रेलटेल की मदद से यह सुविधा प्रदान की जा रही है। जिसका उपयोग यात्री स्टेशन पर इंटरनेट चलाने के लिए कर रहे हैं।












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