अच्छे दिनों में ट्रेन की छत पर सफर कराओगे सरकार!

train
बेंगलोर। सुना है स्लीपर कोच भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होने वाला है। दक्षिण भारत रेलवे यह फैसला लगभग कर चुकी है कि अगले पांच सालों में स्लीपर क्लास के डिब्बों को एसी कोच के डिब्बों में दबदील कर दिया जाएगा। अब एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों में स्लीपर क्लास नहीं होगी। ऐसा नहीं है कि स्लीपर क्लास हटाने के बाद आम आदमी को ऐसी क्लास में बैठने का मौका मिल जाएगा। बल्कि इससे उलट बात यह है कि किराया भी बढ़ा दिया जाएगा। पहले की तुलना में अधिक किराया वसूल किया जाएगा। जिससे स्लीपर क्लास में बैठकर सफर करना भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होने वाला है।

उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो केरल से दिल्ली तक जाने के लिए अभी 925 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। एसी क्लास के हिसाब से किराया बढ़ा तो केरल से दिल्ली तक का किराया बढ़कर 2370 रुपए प्रति व्यक्ति हो सकता है। ऐसे में हालत यह हो सकती है कि छतों पर बैठने वाले पैसेंजरों की संख्या में इजाफा हो जाए।

जनरल क्लास में बढ़ने लगेगी भीड़, छतों पर बैठेंगे क्या?

देश में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं। इसमें स्लीपर व जनरल डिब्बे में सफर करने वाले ज्यादा होते हैं। अगर एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों में से स्लीपर क्लास को हटाकर ऐसी कर दिया गया तो स्लीपर क्लास में जाने वाले लोग भी जनरल डिब्बे में मजबूरन सफर करेंगे। जिससे जनरल डिब्बे में हद से ज्यादा भीड़ बढ़ने की आशंका है। आपको बता दें कि वर्तमान में जनरल डिब्बे में इतनी भीड़ होती है कि कई लोग तो जान का जौखिम उठाकर ट्रेन की छत पर सफर करते हैं। इसी वजह से हर साल सैंकड़ों लोग ट्रेन से कट जाते हैं।

अच्छे दिन में यह हाल

रेलवे का यह निर्णय यह सिद्ध करने के लिए काफी है कि भाजपा सरकार के अच्छे दिनों के वादा ठकोसला साबित होने वाला है। आम आदमी के इतने अच्छे दिन आने वाले हैं कि अब उसकी बस में स्लीपर क्लास में भी सफर करना नहीं रह जाएगा। उसके लिए एक मात्र आरामदायक क्लास को भी खत्म कर दिया जाएगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+