रेलवे ने बदला लोअर बर्थ का नियम, अब इन यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगी नीचे की सीट
Railway Lower Berth: रेलवे बोर्ड ने लोअर बर्थ के नियमों में बदलाव करने का फैसला लिया है। जानें क्या हुआ है नया बदलाव?

Indian Railway Rules: ट्रेन में रोजाना लाखों लोग यात्रा करते हैं। इनमें से सभी की इच्छा होती है कि लोअर बर्थ मिले ताकि बाहर का नजारा देखने में आसानी हो या नहीं तो वॉशरूम जाने में सहूलियत हो। सीट रिजर्वेशन करवाते समय अक्सर लोग साइड लोअर नहीं तो लोअर बर्थ (Lower Berth) चुनते हैं। लेकिन अब रेलवे ने लोअर बर्थ के नियमों में कुछ बदलाव किया है। आइए जानते हैं क्या है नया नियम?
रेलवे ने लोअर बर्थ के लिए किया ये बदलाव (Indian Railway Rules)
दिव्यांग (Disabled) यात्रियों के लोगों के लिए आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए, रेलवे ने मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में उनके और उनके परिचारकों के लिए लोअर बर्थ (Lower Berth) आरक्षित करने का फैसला किया है। हालांकि, अकेले या छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह सुविधा पहले से ही मौजूद है।
रेलवे बोर्ड ने विस्तार से दी जानकारी (Indian Railway)
31 मार्च को जारी अपने जोन के आदेश में रेलवे बोर्ड ने कहा है कि स्लीपर क्लास में चार बर्थ (दो लोअर और दो मिडिल), एसी 3 में दो बर्थ (एक लोअर और एक मिडिल), 3ई क्लास में दो बर्थ (एक निचला और एक मध्य) दिव्यांग और उनके परिचारकों के लिए आरक्षित होगा। वहीं गरीब रथ ट्रेनों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए दो निचली बर्थ और दो ऊपरी बर्थ आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि इस सुविधा के लिए उन्हें पूरा किराया देना होगा। इसके अलावा, एसी चेयर कार ट्रेनों में दो सीटें 'दिव्यांग' व्यक्तियों के लिए आरक्षित होंगी।
रेलवे इन लोगों को देती है छूट (Indian Railway)
रेलवे दिव्यांग व्यक्तियों की चार श्रेणियों के लिए किराए में रियायत प्रदान करता है - अस्थि विकलांग/पैराप्लेजिक व्यक्ति और मानसिक रूप से मंद व्यक्ति जो बिना एस्कॉर्ट के यात्रा नहीं कर सकते, पूरी तरह से नहीं देख पाने वाले व्यक्ति और पूरी तरह से मूक-बधिर अकेले या एक एस्कॉर्ट के साथ यात्रा कर रहे हैं। दिव्यांग को लोअर बर्थ आरक्षित करने की तारीफ हो रही है।












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