समुद्री ताकत को बढ़ाने के लिए INS 'कलवरी' इसी महीने इंडियन नेवी में होगी शामिल
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नई दिल्ली। लंबे समय बाद आखिरकार इंडियन नेवी को अपना नया साथी मिल गया है। भारत में बनकर तैयार हुई 'कलवरी' सबमरीन इंडियन नेवी के बेड़े में इसी महीने की 14 तारीख को शामिल हो जाएगी। भारत की समुद्री ताकत को बढ़ाने के लिए कलवरी सबमरीन हिंद महासागर में चीन से काउंटर करती हुई नजर आएगी।

पश्चिमी नौसैन्य कमान के फ्लैग आफीसर कमांडिंग वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा के अनुसार, कलवरी के विस्तृत समुद्री परीक्षण के बाद इसी महीने बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। नई और उन्नत टेक्नोलॉजी से समृद्ध सबमरीन है, जो इंडियन नेवी की पहली स्कॉर्पियन क्लास सबमरीन होगी।
इसी टेक्नोलॉजी के कुल 6 सबमरीन फ्रांस की मदद से भारत 2005 से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। भारत ने 2030 तक नई तकनीक की 24 सबमरीन बनाने का लक्ष्य रखा है। इस नए प्रोजेक्ट से बनकर तैयार होने वाली सबमरीन से पुरानी सबमरीन की जगह लेगी। भारत के पास जो सिंधुघोष और शिशुकुमार सबमरीन है वो 30 साल पुरानी हो चुकी है।
चीन की बढ़ती ताकतों के चलते भारत लगातार अपनी सुरक्षा को बढ़ाने में लगा है। हाल ही में भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया था कि चीन की युआन क्लास की सबमरीन हिंद महासागर में प्रवेश कर गई थी। ऐसे में इंडियन नेवी के लिए स्कॉर्पियन क्लास सबमरीन बहुत बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।












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