बोन कैंसर से जंग हार गए लेफ्टिनेंट कमांडर अर्जुन निकम, दो साल जूझने के बाद बुधवार को निधन
नई दिल्ली। वह दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की ताकत रखते थे लेकिन कैंसर उन्हें कमजोर कर गया। हम बात कर रहे हैं भारतीय नौसेना (Indian Navy) के यंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर अर्जुन निकम की जिनका बुधवार को कैंसर की वजह से निधन हो गया है। यह 24 घंटे के अंदर दूसरी खबर है जो दिल दुखाने वाली है। एक दिन पहले ही इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) में मिलिट्री ड्र्रिल के दौरान कैडेट अमूल रावल की मृत्यु की खबर आई थी।

जाबांज गोताखोर और बेहतरीन पायलट थे अर्जुन
ले.कमांडर अर्जुन निकम एक जाबांज गोताखोर होने के अलावा बेहतरीन पायलट थे। उनके साथी ऑफिसर उन्हें एक जेंटलमैन ऑफिसर के तौर पर याद कर रहे हैं। वह पिछले दो वर्षों से बोन कैंसर से जूझ रहे थे। एक सैनिक होने के नाते उन्होंने पूरी बहादुरी से मौत का सामना किया और अपने साथियों को हमेशा मजबूत रहने की प्रेरणा दे गए। सेना ले. कमांडर अर्जुन निकम के इस तरह से चले जाने से काफी दुखी है। अर्जुन कहां के रहने वाले थे और कहां पर पोस्टेड थे, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं आ पाई है। एक माह के अंदर नेवी को अपने एक और बहादुर ऑफिसर को गंवाना पड़ा है। कुछ दिनों पहले आईएनएस विक्रमादित्य में आग लगने की वजह से लेफ्टिनेंट कमांडर डीएस चौहान शहीद हो गए थे।
ऑफिसर बनने से पहले ही कैडेट की मौत
बोन कैंसर का इलाज काफी मुश्किल है और बताया जा रहा है कि अर्जुन की बीमारी आखिरी स्टेज में पहुंच गई थी। मंगलवार को देहरादून स्थित आईएमए से एक बुरी खबर आई थी। यहां पर मिलिट्री ड्रिल के दौरान 21 वर्ष के कैडेट अमूल रावल की मृत्यु हो गई थी।अमूल, हरियाणा के करनाल के रहने वाले थे।अमूल मंगलवार को पहाड़ों पर एक रूटीन नाइट नेविगेशन एक्सरसाइज का हिस्सा थे। इसी एक्सरसाइज के दौरान वह गहरे गड्ढे में गिर गए। उनके चाचा अनिल कुमार ने बताया कि अमूल ने साल 2016 में नेशनल डिफेंस एकेडमी में एडमिशन लिया था और इस वर्ष जनवरी में वह आईएमए आए थे। अमूल, आईएमए में आकर काफी खुश थे और वह मिलने वालों से ट्रेनिंग के बारे में बताते रहते थे।
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