लंबी यात्रा पर निकला INS तबर, कई देशों की मित्र नौसेनाओं के साथ मिलकर करेगा काम
मुंबई, 27 जून। भारतीय नौसेना का जलपोत आईएनएस तबर 13 जून से अपने लंबे सफर पर निकल चुका है। रक्षा मंत्रालय की ओर से रविवार को बताया गया कि भारतीय नौसेना का जहाज तबर सितंबर के अंत तक अफ्रीका और यूरोप के कई बंदरगाहों का दौरा करेगा। यह भारत के मित्र नौसेनाओं के साथ कई संयुक्त अभ्यासों में भी भाग लेगा। बताया जा रहा है आईएनएस तबर अपनी यात्रा के दौरान प्रोफेशनल, सामाजिक और अन्य गतिविधियों का संचालन करेगा।

मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक 13 जून से अपनी तैनाती के बाद तबर विश्व के विभिन्न बंदरगाहों का दौरा करेगा। यह अदन की खाड़ी, लाल सागर, स्वेज नहर, भूमध्य सागर, उत्तरी सागर और बाल्टिक सागर के पार जिबूती, मिस्र, इटली, फ्रांस, यूके, रूस, नीदरलैंड, मोरक्को, और स्वीडन और नॉर्वे जैसे आर्कटिक देशों की यात्रा करेगा। इसके अलावा इन देशों की मित्र सेनाओं के साथ आईएनएस तबर संयुक्त युद्धाभ्यास करेगा।
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आपको बता दें कि जलपोत आईएनएस तबर, भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया एक तलवार-श्रेणी का स्टील्थ फ्रिगेट है, इस जलपोत पर 300 कर्मचारी मौजूद है। तबर की कमान कैप्टन एम महेश के हाथ में है। आईएनएस तबर के बार में कहा जाता है कि यह भारतीय नौसेना के शुरुआती स्टील्थ फ्रिगेट्स में से एक है, यह हथियारों और सेंसर की एक बहुमुखी रेंज से लैस है। आईएनएन तबर पश्चिमी नौसेना कमान के तहत मुंबई में तैनात था, जिसे अब दुनियाभर के देशों के साथ युद्धाभ्यास के लिए भेजा गया है। सैन्य संबंध बनाने, इंटरऑपरेबिलिटी विकसित करने और लंबी दूरी के निर्वाह की परियोजना बनाने के लिए जहाज मित्र नौसेनाओं के साथ मिलकर काम करेगा।












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