पहला मेड-इन-इंडिया एयरक्राफ्ट कैरियर 2022 में नौसेना में होगा शामिल,राजनाथ सिंह बोले- इंडियन नेवी पर होगा गर्व
पहला मेड-इन-इंडिया एयरक्राफ्ट कैरियर 2022 में नौसेना में होगा शामिल, राजनाथ सिंह बोले- इंडियन नेवी पर होगा गर्व
कोच्चि, 25 जून: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (25 जून) को कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान में कहा कि भारत का 'मेड-इन-इंडिया' एयरक्राफ्ट कैरियर-आईएनएस विक्रांत साल 2022 में नौसेना में शामिल हो जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'मेड-इन-इंडिया' एयरक्राफ्ट कैरियर की इसकी लड़ाकू क्षमता, उसकी पहुंच और बहुमुखी प्रतिभा देश की सुरक्षा में जबरदस्त क्षमताओं को लेकर आएगा। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले, ''मैं कल (गुरुवार) से ही कारवार और कोच्चि में हमारी नौसेना की तैयारियां, नेवी के नए और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को देख रहा हूं, समझ रहा हूं। जिसके बाद मैं ये कह रहा हूं कि मुझे आप लोगों पर गर्व है। वह दिन दूर नहीं है, जब इंडियन नेवी दुनिया की टॉप तीन नौसेनाओं में मानी जाएगी। यह मेरा विश्वास है। आप इतिहास के पन्नों में देखेंगे, तो पाएंगे कि वही राष्ट्र दुनिया भर में अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहे, जिनकी नौसेनाएं सशक्त रही हैं।''
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पहला 'मेड-इन-इंडिया' एयरक्राफ्ट आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर होग बेस्ट गिफ्ट
राजनाथ सिंह ने कोच्चि बंदरगाह के एर्नाकुलम घाट पर आईएनएस विक्रांत के कंस्ट्रक्शन प्रोग्रेस का दौरा किया। जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा ये भारत का गौरव और आत्मानिर्भर भारत का एक चमकदार उदाहरण बनेगा। आईएनएस विक्रांत को स्वदेशी विमान वाहक-1 या IAC-1 के रूप में भी जाना जाता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ये प्रोजेक्ट मूल रूप से एनडीए सरकार द्वारा पास किया गया है। कोरोना काल के बावजूद भी इसके काम पर असर नहीं पड़ा है और महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई है। राजनाथ सिंह ने कहा, पहला 'मेड-इन-इंडिया' एयरक्राफ्ट कैरियर का नौसेना में शामिल होना भारत की आजादी के 75वीं साल के लिए एक उचित श्रद्धांजलि होगी और देशवासियों के लिए बेस्ट गिफ्ट होगा।
स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर नौसेना के लिए बड़ी ताकत साबित होगा: राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा, ''अपने इस दौरे में मैंने स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर का रिव्यू भी किया है। आज भारत स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर के विकास की गति में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसलिए ये कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि आने वाले वक्त में स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर नौसेना के लिए एक बड़ी ताकत साबित होगा। जब भी मैं नौसेना की बढ़ती शक्तियों की बात करता हूं तो इसका मतलब सिर्फ हमारी सीमा क्षेत्र तक सीमित नहीं होता है। हमारे हित हिंद महासागर क्षेत्र और उसके आगे के क्षेत्रों तक भी व्याप्त है।''












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