भारत में ISIS मॉड्यूल ने तैयार कर डाला था आतंकवाद का G25 ग्रुप
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि भारत में मौजूद आईएसआईएस का मॉड्यूल एक नहीं बल्कि पूरे 25 देशों के अंदर अपने ऑपरेटिव्स के साथ संपर्क में था। एनआईए ऑईएसआईएस के मॉड्यूल से जुड़े एक केस की जांच कर रही है। इस मॉड्यूल के सदस्यों को अलग-अलग देशों से पकड़ा भी गया है।

कौन-कौन से देश
एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक भारत का आईएसआईएस मॉड्यूल भारत के अलावा, ऑस्ट्रेलिया, फिलिपींस, बांग्लादेश, इजिप्ट, हांगकांग, हंगरी, इंडोनेशिया, जापान, केन्या, कुवैत, मलेशिया, मालद्वीव, मॉरीशस, मैक्सिको, नीदरलैंड, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कतर, सर्बिया, सूडान, श्रीलंका, सऊदी अरब, यूएई और यूनाइटेड किंगडम में मौजूद ऑपरेटिव्स के साथ आतंकी योजनाओं के मद्देनजर संपर्क में रहते थे।
फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क
मॉड्यूल में मौजूद आतंकियों ने सोशल मीडिया का जमकर प्रयोग किया। उन्होंने निंबूज, गूगल टॉक, फेसबुक, व्हाट्सएप, स्काइप, ट्विटर और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आपस में एक-दूसरे से कम्यूनिकेट किया।
मॉड्यूल के सभी आतंकियों के पास इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और चार लैपटॉप्स के साथ दो टैबलेट कंप्यूटर्स, सात मोबाइल और पांच सिम कार्ड्स के अलावा तीन मेमोरी कार्ड बरामद किए हैं।
बैंकों के प्रयोग से भेजे पैसे
आरोपी अदनान हसन ने यूएई और दूसरे देशों में मौजूद अपने साथियों से फंड हासिल कर रहे थे। साथ ही सीरिया जाने वाले साथियों को पैसा मुहैया भी करा रहे थे।
पैसा भेजने के लिए उन्होंने वेस्टर्न यूनियन और दूसरे बैंकों को चैनल के तौर पर फंड ट्रांसफर करने के लिए उपयोग किया। उन लोगों को भी पैसा ट्रांसफर किया गया जो ट्यूनीशिया, फिलीपींस और भारत में मौजूद थे।
कौन है अदनान हसन
हसन ने हैदराबाद में आईएसआईएस के मॉड्यूल को फंड मुहैया कराया। हसन ने दो बार भारत से सीरिया जाने की कोशिश की थी। एनआईए के मुताबिक वर्ष 2014 में पहले कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश और अफगानिस्तान के रास्ते सीरिया जाने की कोशिश की थी। इसके बाद वर्ष 2015 में उसने नागपुर से श्रीनगर के रास्ते भारत से बाहर जाने की कोशिश की थी।












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