गृह मंत्रालय ने रद्द किया CPR का FCRA लाइसेंस, मणिशंकर अय्यर की बेटी हैं इसकी अध्यक्ष
केंद्र ने सार्वजनिक नीति थिंक टैंक, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम लाइसेंस को निलंबित कर दिया है।

केंद्र सरकार ने पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक 'सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च' (सीपीआर) का फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (एफसीआरए) लाइसेंस निलंबित कर दिया है। सितंबर 2022 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम थिंकटैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के दिल्ली स्थित ऑफिसों पर छापेमारी की थी। जिसके बाद से सीपीआर का लाइसेंस जांच के दायरे में था। कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की बेटी यामिनी अय्यर दिल्ली स्थित इस थिंक टैंक की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी हैं।
आईटी रेड को लेकर तब सूत्रों ने दावा किया था कि, पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) ने राजनीतिक दलों के लिए करोड़ों का चंदा इकट्ठा किया था। चंदे की आड़ में करोड़ों रुपये की कर चोरी का पता चला था। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों का कहना कि हाल ही में एफसीआरए नियमों का पालन नहीं करने के चलते सीपीआर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। सोसायटी ने हाल ही में लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था।
सीपीआर फाइलिंग में कहा गया है कि अक्टूबर 2022 से दिसंबर 2022 की अवधि के दौरान बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय, विश्व संसाधन संस्थान और ड्यूक विश्वविद्यालय से 10.1 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। यह भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) से अनुदान भी प्राप्त करता है, और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) से मान्यता प्राप्त संस्थान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि, सीपीआर पर आयकर विभाग की कार्रवाई एफसीआरए लाइसेंस के निलंबन के मुख्य कारणों में से एक है। मंत्रालय ने थिंक टैंक से एफसीआरए-आधारित फंड के संबंध में स्पष्टीकरण और दस्तावेज मांगे थे। सीपीआर के अधिकारियों ने कहा कि उनका एफसीआरए आवेदन अभी भी नवीनीकरण के अधीन है और वे लाइसेंस के निलंबन से अनजान हैं। इस थिंक टैंक का एफसीआरए लाइसेंस 2016 में आखिरी बार रेन्यू हुआ था।
वेबसाइट के अनुसार, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (सीपीआर) 1973 से भारत के पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंकों में से एक रहा है। सीपीआर एक गैर-लाभकारी, गैर-पक्षपातपूर्ण, स्वतंत्र संस्थान है। इसका मुख्य काम रिसर्च करना है। साथ ही ये हाई क्वालिटी वाली स्कॉलरशिप, बेहतर पॉलिसी और भारत में कई अहम मुद्दों पर एक्टिव रहता है। सीपीआर अलग-अलग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से ग्रांट हासिल करता है। जिसमें फाउंडेशन, कॉर्पोरेट परोपकार, सरकार और बहुपक्षीय एजेंसियां शामिल हैं।












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