अफगान प्रेसिडेंट का इंडियन कनेक्शन
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अब कुछ लगने लगा कि मानो अफगानिस्तान का राष्ट्रपति वही होगा जिसका भारतीय कनेक्शन होगा। कल शाम अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कुछ पत्रकारों को बताया कि उनका भारत से खास लगाव है। कारण पूछने पर वे बताने लगे कि उनकी दादी का जन्म देहरादून में हुआ था। वे देहारदून में ही रहीं। तब भारत में अंग्रेजों का राज था।

देहरादून में रहते थे
उस दौर में बहुत सारे अफगाननिस्तान के परिवार देहरादून समेत देश के दूसरे भागों में रहते थे। इसके साथ ही उन्होंने टेगौर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि टेगोर की काबुलवाला कहानी के कारण सारा भारत पठानों के संबंध में जानकारी रखता है।
हिमाचल में पढ़े करजई
बता दें कि गनी के पूर्ववर्ती करजई भी भारत में रहे। उनका भी भारत से घनिष्ठ संबंध था। वे तो हिमाचल प्रदेश में पढ़े। वे जब अपने देश के राष्ट्रपति थे, तब अपने भारत दौरे के समय हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में गए भी थे। उन्होंने कई साल अपने छात्र जीवन के हिमाचल में गुजारे थे। विदेश मामलों के जानकार कहते हैं कि आजकल कई देशों के प्रधानमंत्री या बड़े नेता भारत से संबंध रखते हैं। यानी उनका भारत से संबंध रहा।
उदाहरण के रूप में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना कई सालों तक दिल्ली में रहीं 1975 के बाद। जब उनके पिता शेख मुजीब उर रहमान का कत्ल हुआ तो वे निर्वासित जीवन भारत में बिताने आईं थीं। उनके अलावा म्यामांर की शिखर नेता आंग सुई भी भारत में रही। वे राजधनी के लेड़ी श्रीराम कालेज में पढ़ी।
सफल रहा दौरा
इस बीच, दिल्ली आए गनी का भारत दौरा सफल रहा। वे राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले। उनके साथ उनके देशों के व्यापारियों की एक टोली भी आई थी।












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