चीन और पाकिस्तान के बॉर्डर के लिए सेना को चाहिए अपाचे हेलीकॉप्टर, वायुसेना के साथ मतभेद गहराया
भारतीय सेना ने की सरकार से मांग चीन और पाकिस्तान से सटी सीमा पर सेना को ताकतवर बनाने के लिए चाहिए अपाचे हेलीकॉप्टर।
नई दिल्ली। इंडियन आर्मी ने सरकार से मांग की है कि उसे चीन और पाकिस्तान पर सेना को ताकतवर बनाने के लिए अटैक हेलीकॉप्टर्स की जरूरत है। अपनी जरूरत बताने के साथ ही आर्मी ने एक बार फिर से मिनी एयरफोर्स की मांग को दोहरा दिया है। इंडियन आर्मी की यह एक ऐसी मांग है जिसने हमेशा एयरफोर्स (आईएएफ) को परेशान किया है। आईएएफ ने हमेशा ही सेना की इस मांग का विरोध किया है।

आर्मी को मिलेगी और ताकत
सूत्रों की मानें तो आर्मी का मानना है कि अटैक हेलीकॉप्टर्स के आने से उसकी एविएशन विंग को और ताकत मिलेगी। शनिवार को रक्षा मंत्री अरुण जेटली के साथ होने वाली एक मीटिंग के दौरान इस मांग के बारे में एक बार फिर सरकार को बता दिया जाएगा। अगर कभी चीन और पाकिस्तान से सटे बॉर्डर पर कोई परेशानी आई तो फिर सेना मजबूती के साथ जवाब दे पाएगी। साथ ही आर्मी का यह भी मानना है कि आज के हालातों में आक्रामक एयर सपोर्ट की सख्त जरूरत है जो लंबे समय तक दुश्मन पर हमले कर सके। जो जानकारी सूत्रों की ओर से दी गई है उसमें कहा गया है कि आर्मी ने अपनी जरूरत के लिए अमेरिका के अपाचे 64डी अटैक हेलीकॉप्टर्स चाहती है। आर्मी को 39 ऐसे हेलीकॉप्टर्स की जरूरत है जिनकी कीमत 12,000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा होगी। आर्मी इन अटैक हेलीकॉप्टर्स की तीन स्क्वाड्रन तैयार करना चाहती है और ये स्क्वाड्रन उसकी तीन प्राइमरी स्ट्राइक कोर के लिए होगी जिसमें बाकी के हेलीकॉप्टर्स भी होंगे।
जारी है एयरफोर्स के साथ तनाव
वहीं आर्मी की इस मांग पर आईएएफ के साथ उसका तनाव जारी है। आर्मी का मानना है कि उसे ये हेलीकॉप्टर मिलने चाहिए क्योंकि संघर्ष के समय वह लैंड वॉरफेयर को एयरफोर्स से ज्यादा बेहतर समझती है। एक अधिकारी की ओर से जानकारी दी गई है कि आर्मी ने आईएएफ से अनुरोध किया था उसे 22 अपाचे हेलीकॉप्टर का प्रयोग करने दिया जाए। लेकिन आईएएफ इस बात पर राजी नहीं हुआ। यहां तक कि जब हमने इन हेलीकॉप्टर का 50 प्रतिशत प्रयोग करने की मांग की तो भी इनकार कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक जो 39 अपाचे हेलीकॉप्टर लिए जाएंगे उन्हें तीन स्क्वाड्रन में बांटा जाएगा और हर स्क्वाड्रन 10 हेलीकॉप्टर की होगी। इन्हें चीन और पाकिस्तान की सीमा पर तैनात किया जाएगा। आर्मी फिलहाल अपने बेड़े के आधुनिकीकरण करने के दौर से गुजर रही है। आर्मी फिलहाल 200 कामोव लाइट हेलीकॉप्टर को खरीदने की प्रक्रिया में है। वहीं एयरफोर्स ने अपने पुराने चीता और चेतक हेलीकॉप्टर के बेड़े को रिप्लेस करने की तैयारी में है। यूपीए सरकार ने हेलीकॉप्टर्स की खीचातानी को लेकर फैसला दिया था कि सभी खरीदे गए 22 हेलीकॉप्टर्स एयरफोर्स के पास ही जाएंगे। एयरफोर्स का कहना है कि आर्मी की मिनी एयरफोर्स तैयार करने का फैसला काफी महंगा साबित होगा।
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