अब एलओसी पर दुश्मनों को रिमोट कंट्रोल गन से मिलेगा मुंहतोड़ जवाब
श्रीनगर। भारतीय सेना इस वर्ष के अंत तक जम्मू से लेकर कश्मीर घाटी तक फैली लाइन आफ कंट्रोल यानी एलओसी पर रिमोट कंट्रोल से चलने वाली मशीन गन तैनात करगी। पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही गोलीबारी की आड़ में पूरी कोशिश हो रही है कि किसी तरह से आतंकियों को भारत में दाखिल करा दिया जाए।
देश और एलओसी की हिफाजत में लगे हमारे सैनिक और निर्दोष नागरिक इस वजह से अपनी जान गंवा रहे हैं। कहीं न कहीं इस दिशा में यह एक प्रभावशाली कदम माना जा सकता है। यह पहला मौका भी होगा जब भारतीय सेनाओं में रिमोट से चलने वाले हथियारों को जगह मिलेगी।
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सेना पीर पंजाल पहाड़ी क्षेत्र के दक्षिण से घाटी में होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए वह एलओसी पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करना चाहती है। रिमोट कंट्रोल मशीन गन का डेप्लॉयमेंट इसका ही एक हिस्सा है।
फिलहाल अखनूर सेक्टर में अभी इस तरह की मशीन गन के प्रोटोटाइप वर्जन को टेस्ट किया जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल आरआर निंभोरकर जो कि 16 कॉर्प्स के कमांडर हैं, उन्होंने बताया है कि जो नतीजे इस टेस्ट के आए हैं उनसे साफ है कि यह हथियार न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे बल्कि वह सैनिकों का भी काम आसान कर सकेंगे।
रिमोट कंट्रोल मशीन गन से मिलेंगी लाइव फुटेज भी
- इस मशीन गन को भारत में ही तैयार किया गया है।
- इंफ्रारेड सेंसर्स और बीम ग्रिड इस मशीन गन की खासियत है।
- इसकी वजह से मशीन गन 80 मीटर के दायरे में हो रही गतिविधियों का पता लगा लेगी।
- इसके सेंसर्स को ऑटोमैटिक गन के रोटर्स से जोड़ा गया है।
- इसमें लगे नाइट विजन कैमरीा रात में भी साफ तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं।
- इन कैमरों की वजह से बंकर में मौजूद ऑफिसर्स को सारी गतिविधियां लाइव मिल सकेंगी।
- अगर कोई भी ग्रिड टूटा तो एक बजर बजने लगेगा।
- इसके साथ ही हथियार घुसपैठ वाली जगह की ओर घूम जाएगा।
- जैसे ही रिमोट का बटन प्रेस होगा ट्रिगर फाइरिंग की दिशा में दब जाएगा।
- इन मशीन गन को 150 डिग्री की दिशा में कैसे भी सेट किया जा सकता है।













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