अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के करीब सेना, M777 तोपों की तैनाती को रेडी

नई दिल्‍ली। सेना ने चीन से सटी पूर्वी सीमा में एम777 अल्‍ट्रा लाइट होवित्‍जर गनों (तोपों) को तैनात करने की तैयारी कर ली है। इंग्लिश डेली हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश में जहां पर रास्‍ता काफी मुश्किल है, वहां आर्टिलरी फायर सपोर्ट के लिए इन गनों को तैनात किया जाएगा। अखबार ने दो अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है। भारत ने इन तोपों को अमेरिका से खरीदा है और इन्‍हें गेम चेंजर करार दिया जा रहा है।

M777 ultra-light howitzers.jpg

तैनाती में होगी आसानी

एक ऑफिसर की ओर से बताया गया है कि 155 एमएम की तोप जिसे आसानी से हेलीकॉप्‍टर पर लोड किया जा सकता है और आराम से ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात किया जा सकता है, उसे इस साल के अंत में शामिल किया जा सकता है। भारत ने नवंबर 2016 में अमेरिका को 145 हॉवित्‍जर गनों का ऑर्डर दिया था और यह डील 750 मिलियन एक और ऑफिसर के शब्‍दों में, 'एम777 ईस्‍टर्न सेक्‍टर में एक गेम चेंजर साबित होगी। इन हाई पोर्टेबल जोपों को आसानी से किसी भी मिशन के लिए डेप्‍लॉय किया जा सकता है और फिर बोइंग चिनहुक हेलीकॉप्‍टर पर लोड करके रि-डेप्‍लॉय किया जा सकेगा।' इन तोपों की रेंज 24 से 30 किलोमीटर है।

सेना का बड़ा कदम

ऑफिसर के मुताबिक एलएसी के करीब इन होवित्‍जर की तैनाती बेहतर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की वजह से हो रही है। इसके बाद हथियार, उपकरण और जवानों को आसानी से मूव कराया जा सकेगा। सेना सूत्रों की मानें तो यह निश्चित तौर पर एक बड़ा कदम है। होवित्‍जर गनों को मूव कराना आसान नहीं है। एक जवान को ही तेजू से फॉरवर्ड पोस्‍ट तक पहुंचने में दो दिनों को समय लग जाता है। तेजू, सेना की 82वीं माउंटेन ब्रिगेड का हेडक्‍वार्टर है असैर यह किबिथू से 250 किलोमीटर दूर है। किबिथू ईस्‍टर्न सेक्‍टर का वह हिस्‍सा है जहां पर सबसे ज्‍यादा सैनिकों की तैनाती है।

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