जानिए उस सदर्न कमांड के बारे में जिससे आज भी डरता है पाक
पुणे। अभी आपने (CLICK ON PREVIOUS) जाना कि आखिर क्यों हर वर्ष भारतीय सेना 15 जनवरी को आर्मी डे के तौर पर मनाती है और इस दिन क्या खासियत है। अब जानिए उस कमांड के बारे में जिसने पहले 1965 और फिर 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। जिसकी वजह से आज भी पाक को बुरे सपने आते हैं।

सदर्न कमांड से जुड़ी कुछ खास बातें
- 1 अप्रैल 1895 को सर्दन कमांड का गठन किया गया था।
- सेना की सदर्न कमांड वेस्टर्न और सदर्न बॉर्ड्स की रक्षा करती है।
- स्वतंत्रता के बाद से सर्दन कमांड ने हर बड़े मिलिट्री ऑपरेशन में हिस्सा लिया है।
- सदर्न कमांड प्राकृतिक आपदा के समय नागरिकों को राहत पहुंचाने का काम करती है।
अहम मिलिट्री ऑपरेशंस
- सर्दन कमांड आर्मी की वह कमांड है जो जुनागढ़ और हैदराबाद के शाही शासन के भारत में विलय के लिए जिम्मेदार है।
- वर्ष 1961 में गोवा को पुर्तगालियों से आजाद कराने में भी सदर्न कमांड का बड़ा रोल रहा।
- वर्ष 1965 में जब भारत और पाक के बीच युद्ध हुआ तो भी पाक के छक्के छुड़ाने में सर्दन कमांड ने बड़ा रोल अदा किया।
- वर्ष् 1971 में जब पाकिस्तान के साथ युद्ध हुआ तो लोंगेवाला की एतिहासिक लड़ाई इसी कमांड के अंडर लड़ी गई।
- पश्चिम पाकिस्तान के खोखरापार और गादरा शहर में सदर्न कमांड की ओर से आक्रामक लड़ाई छेड़ी गई थी।
- इस युद्ध में सर्दन कमांड ने बाड़मेर से पाकिस्तान की सेना को 9000 स्क्वॉयर किमी तक खदेड़ डाला था।
प्राकृतिक आपदा की हीरो
- वर्ष 1947 में बांबे डॉक वर्कर्स की हड़ताल
- वर्ष 1960 में कोयना का भूकंप
- वर्ष 1961 में खड़कवासला बांध का टूटना
- वर्ष 1993 में लातूर भूकंप
- वर्ष 2001 में भुज में भूकंप
- वर्ष 2004 में सुनामी
- 26/11 मुंबई आतंकी हमला
- वर्ष 2014 में हुद हुद
- सितंबर 2014 में वड़ोदरा में आई बाढ़
- कश्मीर में ऑपरेशन मेघ राहत
ट्रेनिंग स्टैब्लिशमेंट
- नेशनल डिफेंस एकेडमी, एनडीए
- स्कूल ऑफ आर्टिलरी, देवलाली
- ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई
- ऑर्म्ड कॉर्प्स सेंटर अहमदनगर
- कॉलेज ऑफ मिलिट्र इंजीनियरिंग, पुणे
- 23 बड़े ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशंस का जिम्मा
- आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (एएसआई), पुणे
- आर्मी रोविंग नोड, पुणे












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