67वां आर्मी डे: जानिए क्यों है यह दिन इतना खास
बेगलुरु। 15 जनवरी को इंडियन आर्मी अपना 67वां आर्मी डे मनाने जा रही है। देश की आन, बान और शान इंडियन आर्मी और इसके सैनिक देश की सीमाओं पर तैनात रहते हैं ताकि आप चैन की नींद सो सकें। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और मुंबई से लेकर पश्चिम बंगाल तक सेना का एक-एक जवान देश की सुरक्षा में तैनात है। उनकी मौजूदगी ही आपको अहसास कराने के लिए काफी है कि आप सुरक्षित हैं। जानिए कि आखिर क्यों 15 जनवरी को इंडियन आर्मी, आर्मी डे सेलिब्रेट करती है।
- 15 जनवरी 1948 को लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा को इंडियन आर्मी का पहला कमांडर-इन-चीफ बनाया गया था।
- लेफ्टिनेंट जनरल करियप्पा इंडियन आर्मी के पहले फील्ड मार्शल भी बने।
- उन्होंने आखिर ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सर फ्रांसिस बूचर से इसकी कमान हासिल की थी।
- इस खास दिन पर पूरे देश के अलग-अलग समारोह होते हैं।
- इस वर्ष सदर्न कमांड की ओर से मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर एक समारोह का आयोजन किया जाएगा।
- इस कार्यक्रम में कई गैलेंट्री और विशिष्ट सेवा सम्मान से पुरस्कृत 30 सैनिकों का सम्मान किया जाएगा।
- भारतीय सेना की रेजीमेंट्स, 'नाम 'नाम, नमक और निशान,' के लिए आखिरी सांस तक लड़ती हैं।
- नाम मतलब रेजीमेंट, नमक मतलब देश और निशान मतलब देश और पलटन का झंडा, यह एक बात इंडियन आर्मी का मुख्य सिद्धांत होता है।
जानिए आर्मी की एक ऐसी कमांड के बारे में जिससे आज भी थर्र-थर्र कांपता है पाकिस्तान (CLICK ON NEXT)













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