Indian Army: लेह में सिर्फ 40 दिनों में 260 फीट ऊंचे Maitri Bridge को तैयार कर बनाया नया रिकॉर्ड
लेह। भारतीय सेना (Indian Army) ने एक बार फिर से मैत्री ब्रिज के जरिए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक नई मिसाइ कायम की है। लेह में सेना ने रिकॉर्ड 40 दिनों में सिंधु नदी (Indus river) के ऊपर इस ब्रिज का काम पूरा किया। एक अप्रैल को इस पुल को आम जनता के लिए खोल दिया गया। यह ब्रिज लेह के छोग्लाम्सार गांव में बना है और 260 फीट ऊंचा है। सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर के कॉम्बेट इंजीनियर्स जिसे साहस और योग्यता रेजीमेंट के नाम से जानते हैं, उन्होंने मैत्री ब्रिज को तैयार किया है।

केबल सस्पेंशन वायर ब्रिज
यह ब्रिज लेह-लद्दाख क्षेत्र में सेना और आम जनता के बीच मौजूद संबंधों का प्रतीक है। इस वजह से ही इसे मैत्री ब्रिज नाम दिया गया है। पुल पूरी तरह से केबल सस्पेंशन वायर पर बना है और इसे तैयार करने में सेना ने नई इंजीनियरिंग तकनीक का प्रयोग किया। रिकॉर्ड 40 दिनों में सेना ने इस काम को पूरा किया और इसके लिए करीब 500 टन उपकरण और निर्माण सामग्री को यहां लाया गया। मैत्री ब्रिज का काम ऐसे समय में पूरा हुआ है जब फायर एंड फ्यूरी कोर कारगिल विजय दिवस के 20 वर्ष मना रही है।

वॉर वेटरंस ने किया उद्घाटन
पुल का उद्घाटन सन् 1947-1948, 1962, 1971 और 1999 के दौरान लद्दाख रीजन में रहे सीनियर वॉर वेटरंस ने किया। इन वेटरंस की अगुवाई नायक (रिटायर्ड) फुहछोक अंगदस कर रहे थे। अंगदस 89 वर्ष के वॉर वेटरन हैं और उन्होंने इस पुल को आम जनता को समर्पित किया।

लोगों ने आर्मी को कहा थैंक्यू
लद्दाख के लोगों ने इस पुल का निर्माण करने के लिए सेना का शुक्रिया अदा किया। इस पुल के बनने से लद्दाख वासियों को बड़ी राहत मिली है। सेना को पुल के लिए सिविल एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से अनुरोध किया गया था। इसके बाद सेना ने इसका निर्माण कार्य शुरू किया। मैत्री ब्रिज लद्दाख के तीन सबसे बड़े गांवों छोग्लाम्सार, स्तोक और छुछोत के लोगों के लिए मददगार साबित होगा।












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