स्वदेशी Anti-COVID पिल्स को जल्द मिल सकती है मंजूरी, जानिए कितनी होगी कीमत
नई दिल्ली, 11 नवंबर। कोरोना वायरस महामारी के रोगियों के लिए भारत में पहली बार स्वदेशी कोविड कैप्सूल 'मोलनुपिरवीर' को जल्द मंजूरी मिल सकती है। यह दवा कोरोना के हल्के से मध्यम लक्षण वाले कोविड मरीजों के लिए कारगार है, आने वाले कुछ दिनों में इसके आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी मिल सकती है। यह दवा उन लोगों के लिए भी होगी जिन्हें गंभीर कोरोना वायरस या फिर अस्पताल में भर्ती होने का खतरा है। बता दें कि भारत में अभी कोरोना के खिलाफ वैक्सीन का ही इस्तेमाल किया जा रहा है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को कोविड स्ट्रैटजी ग्रुप, सीएसआईआर के अध्यक्ष डॉ राम विश्वकर्मा ने कहा कि मर्क की एंटीवायरल गोली मोलनुपिरवीर को आने वाले दिनों में उपयोग में लाया जा सकता है। वहीं, फाइजल द्वारा विकसित गोली पैक्सलोविड को आने में अभी कुछ और समय लग सकता है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह है कोरोना वायरस के खत्म करने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे में ये दो दवाएं टीकाकरण से अधिक महत्वपूर्ण साबित होंगी। इन दवाओं की शुरुआती कीमत दो से चार हजार के बीच हो सकती है। हालांकि बाद में यह कीमत 500 से 600 रुपए या 1,000 रुपए तक आ जाएगी।
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डॉ राम विश्वकर्मा ने दोनों ही दवाओं के कोरोना की ताबूत में अंतिम कील बताया, साथ ही उम्मीद जताई की मोलनुपिरवीर जल्द कोविड-19 मरीजों के लिए उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा, दवा निर्माता के साथ पांच कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं, मुझे लगता है कि किसी भी दिन इसके इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी दी जा सकती है। ब्रिटेन में पहले ही इसे मंजूरी दी जा चुकी है, एसईसी भी इस पर निगरानी रखे हुए है। ऐसे में मुझे लगता है के इसके लिए जल्द मंजूरी प्राप्त कर ली जाएगी। बता दें कि फाइजर ने दावा किया है कि उसकी दवा 'पैक्सलोविड' ने परिक्षण के दौरान मरीजों में मृत्यु के जोखिम को 89 फीसदी कम किया है।












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