नेपाल में वामपंथी-गठबंधन की सरकार को भारत ने नहीं दी बधाई, विदेश मंत्रालय ने कहा- हमें फाइनल रिजल्ट का इंतजार
नई दिल्ली। नेपाल में आम चुनाव को लेकर अभी फाइनल रिजल्ट भले ही नहीं आया है, लेकिन अब तक के आए नतीजों से पता चल चुका है कि वामपंथी गठबंधन पहली बार सरकार बना रही है। नेपाल में नयी सरकार को लेकर भारत की अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया देखने नहीं मिली है। नेपाल में वामंपथी सरकार का सत्ता में आने से भारत की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेपाल में वामपंथी गठबंधन की नई सरकार आने से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि काठमांडू चीन के नजदीक जाता हुआ दिखेगा।

केपी ओली ने अपने चुनावी प्रचार के दौरान भारत पर कड़ा प्रहार किया था। हालांकि, विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने ओली से भारत की नाराजगी को लेकर खंडन किया है। रवीश कुमार ने कहा कि हम अभी भी फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अभी तक आए निर्णय में नेपाल मे माओसिस्ट-यूएमएल गठबंधन को दो तिहाई से पूर्ण बहुमत मिल चुका है और सरकार बनाने जा रही है।
हालांकि, रवीश कुमार ने इससे पहले एक जर्नलिस्ट के सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि हम नेपाल में नई लोकतांत्रिक सरकार के साथ काम करने के लिए आगे की ओर देख रहे हैं। हम नेपाल में शांति और स्थिरता, आर्थिक विकास के लिए आर्थिक समृद्धी का सपोर्ट करते हैं।
नेपाल में वामपंथी गठबंधन सरकार में केपी ओली एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे। बता दें कि ओली का रवैया शुरू से ही चीन के पक्ष में रहा है। उन्होंने अपने चुनावी रैलियों के दौरान भी कहा था कि उनकी सरकार आने के बाद भारत के साथ 1950 से बनी विदेश नीति को बदला जाएगा।












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