मालदीव की हरकतों का भारत ने लिया बदला, UN में ऐसे दिया तगड़ा झटका
नई दिल्ली। मालदीव की यामीन अब्दुल्ला सरकार लगातार भारत की सुरक्षा के खिलाफ काम कर रही है, जिसका खामियाजा उन्हें संयुक्त सुरक्षा परिषद में भुगतना पड़ा है। यूएन में अस्थायी सदस्य के लिए हुए चुनाव में भारत ने ना सिर्फ मालदीव के खिलाफ वोट करके तगड़ा झटका दिया, बल्कि कई देशों के अपने साथ लाकर उनकी हार को भी सुनिश्चित किया। मालदीव की सरकार हिंद महासागर में भारत के हितों के खिलाफ लगातार काम कर रही है और हाल ही में भारतीय वर्क परमिट पर भी अब्दुल्ला सरकार ने रोक लगाने के निर्देश दिए है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हुई अस्थायी वोटिंग में मालदीव को सिर्फ 46 वोट मिले, वहीं इंडोनेशिया को 144 देशों का साथ मिला। यूएन में मालदीव के खिलाफ वोट करके भारत ने मालदीव को ना सिर्फ हराया है, बल्कि द्वीपीय देशों का उसके बेस भी कमजोर करने की कोशिश की है।
मालदीव की अब्दुल्ला सरकार पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां दिखाकर और चीन के साथ हिंद महासागर में भारत के खिलाफ गतिविधियों में साथ देकर दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा करने की कोशिश की है। इसी को देखते हुए भारत ने दंडात्मक कार्रवाई की है। वहीं, इसी साल फरवरी में जब मालदीव सरकार ने आपातकाल लागू कर दिया था, तब अब्दुल्ला ने चीन का साथ लेकर भारत को अपने देश में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहा था।
यूएन में मालदीव अपनी जीत का दावा कर रहा था, लेकिन भारत ने इंडोनेशिया के पक्ष में वोट देकर अन्य देशों को भी अपने साथ लाकर अब्दुल्ला सरकार को तगड़ा झटका दिया। हालांकि,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब जकार्ता का दौरा किया था, तब इंडोनेशिया ने भारत से समर्थन मांगा था।












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