भारत-UK रणनीतिक साझेदारी, PM Modi ने कहा- लोकतांत्रिक मूल्यों पर भरोसा बनाए रखना अहम
India-UK Partnership: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर (Keir Starmer) के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच रिश्ते लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित हैं।
दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दुनिया कई स्तरों पर भू-राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रही है ऐसे में भारत-UK साझेदारी को "वैश्विक स्थिरता की एक मज़बूत नींव" बताया जा रहा है।

"भारत और ब्रिटेन साझेदार" - पीएम मोदी
संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और ब्रिटेन प्राकृतिक साझेदार हैं। लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन जैसे मूल्यों में आपसी विश्वास हमारे रिश्तों की बुनियाद है। आज के वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत-UK की बढ़ती साझेदारी दुनिया में स्थिरता और आर्थिक प्रगति की एक अहम आधारशिला बनी है।"
उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं, बल्कि यह वैश्विक शांति और विकास के एजेंडे में भी योगदान दे रहा है।
इंडो-पैसिफिक, वेस्ट एशिया और यूक्रेन संकट पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और ब्रिटेन ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, पश्चिम एशिया (West Asia) की स्थिरता, और यूक्रेन संघर्ष जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा की।
मोदी ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष और गाज़ा के मुद्दों पर भारत संवाद और कूटनीति के ज़रिए शांति स्थापित करने के हर प्रयास का समर्थन करता है। हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा वार्ता और शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की प्रतिबद्धता
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा -"हम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है, इसलिए यहां शांति और सहयोग आवश्यक है।"
दोनों नेताओं ने यह भी माना कि वर्तमान दौर में जब दुनिया ऊर्जा संकट, युद्ध और आर्थिक असमानता जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब भारत और ब्रिटेन का सहयोग वैश्विक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकता है। मोदी ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच तकनीक, शिक्षा, रक्षा, व्यापार और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने की आवश्यकता है।
कीयर स्टार्मर का बयान
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टार्मर ने भी भारत के साथ अपने देश के रिश्तों को "ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण" बताया। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन मिलकर न सिर्फ द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि एक नए वैश्विक मॉडल की दिशा में काम कर रहे हैं। स्टार्मर ने कहा, "भारत और ब्रिटेन लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े हैं और हमें मिलकर वैश्विक शांति, जलवायु कार्रवाई और आर्थिक सहयोग के एजेंडे को आगे ले जाना चाहिए।"
भारत की संतुलित कूटनीति और "शांति के पक्षधर" के रूप में भूमिका को कई देशों ने सराहा है। भारत लगातार कहता आया है कि किसी भी संघर्ष का समाधान संवाद और आपसी विश्वास के रास्ते से ही संभव है। मुंबई में हुई यह बैठक भारत-UK रिश्तों को एक नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।












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