कोरोना वायरस के चलते पांच लाख मौतें रिकॉर्ड करने वाला भारत बना दुनिया का तीसरा देश
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के चलते जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 5 लाख से अधिक हो गई है। इस तरह भारत कोविड-19 महामारी से 5 लाख से अधिक मौतों को दर्ज करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया। गुरुवार को भारत ने इस खराब आंकड़े को पार कर लिया। पहले नंबर पर अमेरिका है, जहां 9.1 लाख से अधिक कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है। वहीं 6.3 लाख लोगों की मौत ब्राजील में हुई है। इसके चलते ब्राजील दूसरे नंबर पर है। जबकि चौथे नंबर पर रूस है, जहां 3.3 लाख लोगों की मौत हुई है। पांचवें नंबर पर मेक्सिको है, जहां 3.07 लाख लोगों की मौत हुई है।

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भारत में साल 2021 के एक जुलाई को चार लाख कोविड मृतकों की संख्या पार हो गई थी। इसके बाद भारत में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या को 5 लाख तक पहुंचने में 217 दिन लगे हैं। इस आंकड़े से यह बात जाहिर होती है कि भारत में भले ही पहले और दूसरी लहर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई लेकिन इसके बाद मृतकों की संख्या में कमी देखने को मिली।
यहां गौर करने वाली बात ये है कि ये वो समय था, जब भारत में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ी, जिसने लोगों की जान को बचाने का काम किया। साल 2021 के दिसंबर तक मृतकों की संख्या में काफी कमी आई थी। लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट के चलते तीसरी लहर का भी लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ा। तीन जनवरी साल 2022 तक औसतन हर दिन 70 लोग कोविड से जान गंवा रहे थे।
ये आंकड़े सात दिनों के आधार पर तैयार किये गए थे। लेकिन गुरुवार को सात दिनों के आंकड़ों के आधार पर पता चला कि रोजाना 600 से अधिक लोग कोरोना के चलते जान गंवा रहे हैं। अगर इन तीनों लहरों के आंकड़ों की तुलना करें तो पहली लहर में प्रतिदिन 1176 लोगों की मौत हो रही थी। जबकि दूसरी लहर में 4000 प्रतिदिन मौतें हो रही थीं।
साल 2020 के 12 मार्च को देश में कोरोने के चलते पहली मौत हुई। इसके बाद भारत में मृतकों के आंकड़े को एक लाख पहुंचने में 204 दिन का समय लगा। साल 2020 के 2 अक्टूबर को कोरोना के चलते मृतकों की संख्या एक लाख के पार हो गई। इसके बाद साल 2021 के 27 अप्रैल को दो लाख का आंकड़ा पार किया। वहीं महज 26 दिन यानी कि 23 मई 2021 को तीन लाख का आंकड़ा पार कर गया।












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