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'हेलिना' सेकेंडों में तबाह कर देगी दुश्मन के टैंक, मिसाइल का पोखरण में हुआ सफल परीक्षण

नई दिल्ली, 11 अप्रैल: भारत ने राजस्थान में पोखरण रेंज में दुनिया के सबसे उन्नत टैंक रोधी हथियारों में से एक हेलिना गाइडेड-मिसाइल सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना ने सभी मानकों को पूरा करते हुए सिमुलेटेड टैंक को ध्वस्त कर दिया। इस मिसाइल को होम मेड एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर से लॉन्च किया गया। यह मिसाइल दागो और भूल जाओ के सिंद्धात पर काम करती है।

India successfully tested most advanced anti tank Helina guided missile system at Pokhran

यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), सेना और वायु सेना के वैज्ञानिकों तथा अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। हेलिना मिसाइल का परीक्षण उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर से किया गया और उसने सिमुलेटिड टैंक लक्ष्य पर सफलतापूर्वक निशाना साधा। इस मिसाइल को इसमें लगी इंफ्रारेड इमेजिंग सीकर तकनीक गाइड करती है। जो मिसाइल के लॉन्च होने के साथ ही सक्रिय हो जाता है। यह दुनिया के बेहतरीन और अत्याधुनिक एंटी-टैंक हथियारों में से एक है।

पोखरण में सफल परीक्षण के बाद अब उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर को इस मिसाइल से लैस करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस परीक्षण के समय सेनाओं के वरिष्ठ कमांडर और डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष ने वैज्ञानिकों और सेनाओं को बेेहतर तालमेल के बल पर मिली सफलता के लिए बधाई दी है। हेलिना यानी ध्रुवास्त्र मिसाइल 230 मीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से अपने लक्ष्य की ओर प्रक्षेपित होती है।

डीआरडीओ के अनुसार हेलिना एक तीसरी पीढ़ी की 'दागो और भूल जाओ' टैंक रोधी मिसाइल प्रणाली है, जिसे आधुनिक हल्के हेलिकॉप्टर पर स्थापित किया जा रहा है। हेलिना मिसाइल हर मौसम में हमला करने में सक्षम है। 45 किलो वजनी ये मिसाइल अपने साथ 8 किलो विस्फोटक लेकर हवा से जमीन पर मार करने में सक्षम है। हेलिना मिसाइल को ध्रुव हेलिकॉप्टर, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर समेत अन्य लड़ाकू हेलिकॉप्टरों में तैनात किया जाएगा।

भारतीय सेना के संस्करण को हेलिना के नाम से जाना जाता है जबकि भारतीय वायु सेना के संस्करण को ध्रुवस्त्र कहा जाता है। वहीं इससे एक दिन पहले डीआरडीओ ने पोखरण रेगिस्तान से पिनाका एमके-1 रॉकेट सिस्टम के उन्नत संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। पिछले दो हफ्तों में अलग-अलग रेंज के लिए 24 रॉकेट सिस्टम दागे गए।

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