भारत ने स्वदेशी "MIGM माइन" का किया सफल परीक्षण, बढ़ी समुद्री ताकत, क्या है इसकी खासियत?
Multi-Influence Ground Mine (MIGM): पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर दबाव बनाने के साथ सैन्य स्तर बड़ी तैयारियां कर रहा है। सोमवार को भारत ने समुद्र में मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) का सफल परीक्षण किया। ये देश की समुद्री सुरक्षा रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में एक बड़ी उपलब्धि है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। अपनी समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से, भारत का यह कदम अपने पानी के नीचे युद्ध कौशल को बढ़ाने खासकर समुद्री क्षेत्र में बढ़ते खतरों को देखते हुए ये एक बड़ी उपलब्धि है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा डीआरडीओ और इंडियन नेवी द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित की गई मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) की सफलतापूर्वक कम तीव्रता वाले विस्फोट के साथ परीक्षण किया गया। इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने कहा "यह माइन नौसेना की समुद्र के अंदर क्षमताओं और ताकत को और बढ़ाएगी।"
MIGM की खासियत क्या है?
- MIGM समुद्र के पानी के अंदर से ही दुश्मन की पनडुब्बियों और युद्धपोतों को नष्ट कर सकती है। इसे पानी के अंदर के खतरों को बेअसर करने के लिए डीआरडीऔ और नेवी ने मिलकर डिज़ाइन किया गया है।
- यह पानी के अंदर छिपकर हमला करता है। भारत की समुद्री सीमाओं में हस्तक्षेप करने वाले दुश्मन के जहाजों को नष्ट करने में सक्षम है।
- पानी के अंदर के खतरों से निपटने के लिए MIGM माइन बड़ी ही कारगर है। पानी के अंदर ही अंदर दुश्मनों की पनडुब्बियों और युद्धपोतों को तबाह कर देगी।
- ये मल्टी-इन्फ्लुएंस स्मार्ट लेवल माइन है। इसमें लो सिग्नेचर डिटक्शन टेक्नालॉजी है जिसकी बदौलत ये दुश्मन के रडार या सोनार की पकड़ में नहीं आएगी। इस तकनीक की वजह से इसे पानी में छिपाया जा सकता है।
कैसे करती है काम?
इंडियन के पास पहले से ही कई माइन हैं लेकिन इस अकेली माइन में चुंबकीय (magnetic), ध्वनिक (acoustic) और प्रेशर (pressure) सेंसर इनपुट तकनीक शामिल है।
जैसे इसकी प्रेशर वाली तकनीक अगर कोई पनडुब्बी या जहाज माइन के पास से गुजरेगी तो इस पर पानी का दबाव पड़ते ही इसके सेंसर पकड़ लेते हैं और ब्लाॅस्ट हो जाती है। दूसरी चुंबकीय तकनीक पानी के अंदर मेटल की गतिविधियों को डिटेक्ट करता है। तीसरी इसका ध्वनिक सेंसर आवाज और ससे उत्पन्न कंपन (vibration) को तुरंत टैक कर लेता है। किसी भी पनडुब्बी और जहाज को ट्रैक कर लेती हैं।
The @DRDO_India and @indiannavy successfully undertook combat firing (with reduced explosive) of the indigenously designed and developed Multi-Influence Ground Mine (MIGM).
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) May 5, 2025
Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has complimented DRDO, Indian Navy and the Industry on this… pic.twitter.com/pOvynpBcr5












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