India Sri Lanka Relation: श्रीलंका के सेना प्रमुख की यात्रा, हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के लिए क्यों अहम?
India Sri Lanka Relation: भारत के वैश्वकि और कूटनीतिक संबंधों में सफलता के लिए हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करनी जरूरी है। चीन की विस्तारवादी नीतियों को समझते हुए भारत के लिए महत्वपूर्ण है कि वह हिंद महासागर में मजबूत रणनीतिक साझेदारी बनाए। भारतीय सेनाओं का काम आज सिर्फ सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है। सेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपने कदम मजबूत करने में जुटी है। इसके लिए अहम सैन्य साझेदारी भी की जा रही है। श्रीलंका और भारत के बीच सैन्य साझेदारी इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया गया है। श्रीलंका के आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम लसंथ रोड्रिगो 11 से 14 जून 2025 तक भारत दौरे पर थे।
India Sri Lanka Relation: श्रीलंका के आर्मी चीफ का दौरा

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भारत-श्रीलंका रक्षा संबंध मजबूत करना प्राथमिकता
भारतीय सेना सीमाओं की रक्षा के साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में मजबूत सैन्य संबंध बना रही है। ट्रेनिंग, संयुक्त अभ्यास और रणनीतिक बातचीत के जरिए भारत ने खुद को भरोसेमंद साझेदार के तौर पर पेश किया है। श्रीलंका इस वक्त गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। भारत ने इस द्वीपीय देश की काफी मदद की है। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच सैन्य साझेदारी का भी विस्तार हो रहा है। भारत से सैन्य ट्रेनिंग लेने वाले देशों में श्रीलंका सबसे ऊपर है। हर साल करीब 700 से ज्यादा श्रीलंकाई सैनिक भारत के कई सैन्य संस्थानों में ट्रेनिंग लेते हैं। इसमें आईएमए देहरादून, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, इंफैंट्री स्कूल, काउंटर-इंसर्जेंसी और जंगल वारफेयर स्कूल जैसे संस्थान शामिल हैं।
श्रीलंका और भारत के बीच हर साल 'मित्र शक्ति' नाम का साझा सैन्य अभ्यास होता है। इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य आतंकवाद से निपटना, जंगल में लड़ाई की रणनीति सीखना, एक-दूसरे की तकनीक और सिस्टम को समझना है। 2024 में इसका 10वां संस्करण श्रीलंका में हुआ था। लेफ्टिनेंट जनरल रोड्रिगो की भारत यात्रा ने यह साफ दिखाया कि भारत की सैन्य पहल सिर्फ हथियार या अभ्यास तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य साझेदारी के साथ आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ाना भी इसका उद्देश्य है।
अफ्रीकी देशों के साथ भी भारत का युद्धाभ्यास
भारत अपनी सैन्य साझेदारी का विस्तार दुनिया के कई देशों के साथ कर रहा है। इसमें एशिया के साथ सुदूर अफ्रीकी देश भी शामिल हैं। अफ्रीका के 26 से ज़्यादा देशों को AFINDEX (अफीइंडेक्स) प्रोग्राम के तहत भारत ट्रेनिंग देता है। इसेक अलावा, इंडिया-अफ्रीका डिफेंस डायलॉग जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन हो रहा है। भारत ने कई अफ्रीकी और यूरोपीय देशों, जैसे कि इथियोपिया, मोजाम्बिक, अर्मेनिया, पोलैंड में अपने रक्षा अधिकारी भी नियुक्त किए हैं।
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