नैनीताल में 2450 मीटर ऊंचे पहाड़ पर लगा टेलीस्कोप, अंतरिक्ष से गिरने वाली मलबे और क्षुद्रग्रहों पर रखेगा नजर
भारत ने उत्तराखंड के नैनीताल जिले में 2450 मीटर ऊंचे पहाड़ के ऊपर देश का पहला और एशिया में सबसे बड़ा लिक्विड-मिरर टेलीस्कोप स्थापित किया है।
नई दिल्ली, 03 जून: भारत ने उत्तराखंड के नैनीताल जिले में 2450 मीटर ऊंचे पहाड़ के ऊपर देश का पहला और एशिया में सबसे बड़ा लिक्विड-मिरर टेलीस्कोप स्थापित किया है। यह अंतरिक्ष से गिरने वाली मलबे और क्षुद्रग्रहों जैसी क्षणिक वस्तुओं पर नजर रख सकता है।

यह टेलीस्कोप भारत, बेल्जियम और कनाडा के खगोलविदों ने तैयार किया है। सुपरनोवा को भी देखने में इंटरनेशनल लिक्विड-मिरर टेलीस्कोप (ILMT) मदद करेगा। साथ ही कई आकाशगंगाओं को केवल ऊपर से गुजरने वाले आकाश की पट्टी को घूर कर देख सकता है।
देवस्थल वेधशाला परिसर में रखा है उपकरण
इस नए उपकरण को आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (ARIES) के देवस्थल वेधशाला परिसर में रखा गया है। इसमें एक 4 मीटर व्यास वाला रोटेटिंग मिरर है जो प्रकाश को इकट्ठा करने और फोकस करने के लिए लिक्विड मरकरी की एक पतली फिल्म से बना है। मायलर की एक और पतली पारदर्शी फिल्म मरकरी को हवा से बचाती है।
क्या बोले वैज्ञानिक
आईएलएमटी परियोजना के वैज्ञानिक डॉ. ब्रजेश कुमार ने कहा कि इस वर्ष के अंत में दूरबीन के नियमित विज्ञान संचालन शुरू होने की उम्मीद है। डेटा हमारे आसमान से गुजरने वाले परिवर्तनशील और क्षणिक तारकीय स्रोतों की पहचान करने में मदद करेगा। आईएलएमटी द्वारा देखी गई वस्तुओं को वर्गीकृत करने के लिए बिग डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग एल्गोरिदम लागू किया जाएगा।












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