भारत-सऊदी अरब ज्वॉइंट प्रेस कांफ्रेंस: पीएम मोदी ने बिन सलमान के साथ पुलवामा का किया जिक्र
नई दिल्ली। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भारत दौरे पर हैं और बुधवार को दोनों देशों ने ज्वॉइंट प्रेस कांफ्रेंस की है। दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। सऊदी अरब इस वक्त भारत को अपना 20 फीसदी ऑयल भारत को देता है। ज्वॉइंट प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज 21वीं सदी में सऊदी अरब, भारत के सबसे मूल्यवान स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में है। यह हमारे विस्तृत पड़ोस में है, एक करीबी दोस्त है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। प्रेस कांफ्रेंस में पीएम मोदी ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है। दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।

पीएम मोदी-
- भारत और सऊदी अरब के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सम्बन्ध सदियों पुराने हैं। और यह सदैव सौहार्द्रपूर्ण और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। हमारे लोगों के बीच के घनिष्ठ और निकट संपर्क हमारे देशों के लिए एक सजीव सेतु यानि living bridge है।
- आज हमने द्विपक्षीय संबंधों के सभी विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। हमने अपने आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का निश्चय किया है।
- हिज मेजेस्टी की, और रॉयल हाईनेस आपकी, व्यक्तिगत रुचि और मार्गदर्शन से हमारे द्विपक्षीय सबंधों में और भी प्रगाढ़ता, मधुरता और शक्ति आई हैं।
- हम अक्षय ऊर्जा के क्षेत्रों में अपने सहयोग को मज़बूत करने पर सहमत हुए हैं। हम इंटरनेशनल सोलर अलायंस में सऊदी अरब का स्वागत करते हैं। परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग, विशेषरूप से water desalination और स्वास्थ्य के लिए, हमारे सहयोग का एक और आयाम होंगे।
- पिछले हफ्ते पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला, इस मानवता विरोधी खतरे से दुनिया पर छाए कहर की एक और क्रूर निशानी है। इस खतरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है।
क्राउन प्रिंस-
- चरमपंथ और आतंकवाद हमारी समान चिंता है। हम अपने मित्र देश भारत से कहना चाहते हैं कि हम सभी फ्रंट पर इसके खिलाफ आपका सहयोग करेंगे।
- हम अपनी आने वाली नई नस्लों के लिए भविष्य सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करेंगे।
- सऊदी अरब भारत के साथ राजनीतिक और खुफिया सहयोग के लिए तैयार है।
- आशा करता हूं कि भारत में निवेश की संभावनाएं 100 बिलियन डॉलर पहुंचेगी।












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