G20: भारत ने दिया बाली घोषणा पत्र की आलोचनाओं पर जवाब
बाली घोषणा पत्र की आलोचनाओं पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है। बीते साल शीर्ष नेताओं की तरफ से बाली घोषणापत्र जारी किया गया था। जिसमें भारत ने अहम भूमिका निभाई थी।

G20 Summit: बाली घोषणा पत्र की आलोचनाओं पर भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बीते साल 16 नवंबर, 2022 को शीर्ष नेताओं की तरफ से बाली घोषणापत्र जारी किया गया था। इंडोनेशिया की राजधानी बाली में जी-20 देशों के शीर्ष नेताओं की तरफ से जारी घोषणापत्र को अंतिम रूप देने में भारतीय कूटनीति की अहम भूमिका रही। वहीं अब मंगलवार को भारत की ओर से अपना बयान जारी किया गया।
सूत्रों ने कहा कि बाली घोषणा पत्र की आलोचनाओं पर भारत ने कहा है कि हमने बाली घोषणापत्र पर कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित और पक्षपाती टिप्पणियां देखी हैं। जबकि तथ्य यह है कि यह भारत की सुविचारित और संतुलित स्थिति है जिसने बाली घोषणा को बनाने में योगदान दिया।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा कि विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी के इस कथन कि यह युद्ध का युग नहीं है, को बहुत सराहना मिली। हमारा प्रयास जी20 वित्त मंत्रियों की बैठक में बाली की सहमति को प्रदर्शित करना था। यह अध्यक्ष के सारांश और परिणाम दस्तावेज़ में व्यक्त किया गया था। इसलिए कोई भी आलोचना गलत और तथ्यात्मक रूप से गलत है।
आपको बता दें कि G20 Summit 2022 के दौरान बाली में यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से सदस्य देशों के बीच घोषणापत्र के कुछ अहम बिंदुओं को लेकर कोई सहमति नहीं बनी थी। जिसको लेकर 15 दौर की मंत्रिस्तरीय वार्ता के बावजूद पूरा संगठन दो गुटो में बंटा गया था। खास तौर पर अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों तो बिना घोषणापत्र के ही बैठक के समापन पर तैयार था। तब भारतीय प्रतिनिधियों ने संगठन के दूसरे विकासशील देशों के साथ मिल कर सहमति बनाने की कोशिश की जिसका नतीजा यह निकला कि 15 नंवबर को स्थगित होने के बाद 16 नवंबर, 2022 को शीर्ष नेताओं की तरफ से बाली घोषणापत्र जारी किया गया।












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