भारतीय डाक विभाग होगा हाईटेक, जल्द शुरु होगी बैंकिग सुविधा
नई दिल्ली। अगर आपको डाकघर में ही बैंकिग की सुविधा मिल जाए तो सोने पर सुहागा जैसी बात होगी। आपको बता दें कि देशभर में स्थित लाखों डाकघरों में बैंकिंग, बीमा और ई-काॅमर्स सेवाएं जल्द ही शुरु होने की संभावना है। डाकघरों की स्थिति बेहतर करने के लिए मोदी सरकार ने बदलाव करने पर बल दिया। जिसके लिए पीएम मोदी ने पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में समिति भी गठित की थी। इस उच्चस्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को सौंप दी है। अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो डाकघर में जल्द ही आपको बैंकिंग, बीमा और ई-कामर्स की सुविधा मिलेगी।

कार्यबल के अध्यक्ष टीएसआर सुब्रण्यन ने कहा कि भारतीय डाक बैंक और प्रधानमंत्री की जनधन योजना वित्तीय समावेश के लिए एक दूसरे के पूरक साबित हो सकते हैं। समिति की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा डाकघर हैं। जिनमें डाक विभाग के अधीन एक होल्डिंग कंपनी स्थापित करनी होगी। होल्डिंग कंपनी के पांच अलग-अलग क्षेत्र होने चाहिए जिसमें से तीन क्षेत्रों बैंकिंग, बीमा और ई कॉमर्स में तत्काल काम शुरू किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, डाकघरों के पास छह लाख करोड़ रुपये की जमाएं हैं और यह देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के दूसरे नंबर पर है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डाक विभाग के लिए बैंकिंग के बाद ई-कॉमर्स दूसरी सबसे बड़ी गतिविधि हो सकती है और वह विश्व के सबसे बड़े संगठनों में से एक बनकर उभर सकता है। कार्यबल ने भारतीय डाक बैंक को एक अलग इकाई के तौर पर स्थापित करने का भी सुझाव दिया जिसकी पहले तीन साल में प्रत्येक जिले में एक शाखा हो सकती है और इसके लिए सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई जा सकती है।
सुब्रमण्यम ने बताया कि हमारी सिफारिश के आधार पर अगर कदम उठाए जाते हैं तो भारतीय डाकघरों में कार्यरत किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी, बल्कि पांच लाख नई नौकरियां पैदा होंगी।












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