डाक में PIN Code का मतलब जानते हैं आप? सिर्फ छह अंकों में छिपा है पूरे भारत के घरों का सटीक पता!

PIN Code का इस्तेमाल बहुत कॉमन है। डाक विभाग और कुरियर कंपनियां लोगों के पार्सल, डॉक्यूमेंट या खास चीजों को एक शहर से दूसरे शहर या एक ही शहर में किसी खास पते पर भेजने के दौरान पिन कोड का इस्तेमाल करती हैं।

स्पेशल चीजों को सुरक्षित तरीके से गंतव्य तक भेजने या शहरों को बदलने के दौरान पिन कोड ही वो साधन है, जिससे सटीक पते तक पहुंचने में मदद मिलती है। क्या आप आए दिन इस्तेमाल होने वाले नंबर में छिपी खास बातें जानते हैं?

PIN Code

दरअसल, जिन छह अंकों की मदद से डाक विभाग या कुरियर कंपनियां आपके घरों की दहलीज तक सामान या पार्सल डिलिवर करती हैं, इन्हें पोस्टल इंडेक्स नंबर यानी पिन कोड कहा जाता है।

भारत में PIN Code सेट करने के पीछे खास फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है। दरअसल, छह अंकों का पिन कोड तय करने और एक नाम वाली जगहों के बीच होने वाली किसी भी गफलत से बचने के लिए डाक विभाग ने रीजन के हिसाब से PIN कोड तय किए हैं।

छह अंकों के पिन कोड का पहला अंक क्षेत्र का ब्यौरा देता है। मसलन डाक विभाग के दस्तावेज में 9 क्षेत्रों का निर्धारण किया गया है। मूल रूप से इसे उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और पूर्व दिशा में बांटा गया है। सैन्य पार्सल के लिए अलग कोड तय किया गया है।

उत्तरी रीजन में सात राज्य आते हैं। पश्चिमी रीजन में पांच राज्यों को शामिल किया गया है। भारतीय डाक विभाग के दक्षिणी क्षेत्र में चार राज्य हैं, जबकि पूर्वी रीजन में चार राज्य और पूर्वोत्तर भारतीय क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

डाक विभाग ने उत्तरी रीजन में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर आते हैं। इन राज्यों के पिन कोड की शुरुआत 1 और दो अंक से होती है।

पश्चिमी क्षेत्र में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ हैं। इन राज्यों के पिन कोड 3 और 4 अंक से शुरू होते हैं। दक्षिण भारत के राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु को शामिल किया गया है। इन राज्यों के पिन कोड 5 और 6 अंकों से शुरू होते हैं।

डाक विभाग ने पूर्वी भारत के जिन राज्यों में को पिन कोड की कैटेगरी में शामिल किया है, इनमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड के साथ-साथ पूर्वोत्तर के प्रदेश शामिल हैं। इनके पिन कोड 7 और 8 से शुरू होते हैं।

9 से शुरू होने वाला पिन कोड आर्मी पोस्टल सर्विस के लिए इस्तेमाल होता है। इसका मतलब सैन्य विभाग के लिए होने वाले पत्राचार या पार्सल केवल APS रीजन में होते हैं।

पिन कोड का निर्धारण इसके बाद भी पूरा नहीं होता। रीजन यानी क्षेत्र के बाद डाक विभाग ने देश के राज्यों को सर्किल में भी बांटा है। खास बात ये कि केवल दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और असम सर्किल के लिए खास नंबर अलॉट हैं। दिल्ली के लिए 11, हिमाचल के लिए 17, असम के लिए 78 कोड तय किया गया है।

हरियाणा सर्किल के लिए 12-13, पंजाब सर्किल के लिए 14 से 16, जम्मू कश्मीर के लिए 18-19 कोड तय किया गया है। सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पिन कोड 20 से 28 से शुरू होते हैं। राजस्थान के पिन कोड 30 से 34 से शुरू होते हैं। गुजरात में पिन कोड की शुरुआत 36 से 39 से होती है।

महाराष्ट्र में पिन कोड की शुरुआत 40 से 44 से शुरू होती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिन कोड के शुरुआती दो अंक 45 से 49 तक होते हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सर्किल में पिन 50 से 53 तक से शुरू होते हैं।

कर्नाटक में 56 से 59, जबकि तमिलनाडु में 60 से 64, केरल में 67 से 69, पश्चिम बंगाल में 70 से 74, ओडिशा में 75 और 77 अंकों से पिन कोड की शुरुआत होती है।

पूर्वोत्तर भारत में पिन कोड की शुरुआत 79 से होती है, जबकि बिहार और झारखंड में पिन कोड की शुरुआत 80 से 85 के बीच होती है। आर्मी पोस्टल सर्विस देशभर में सेवाएं देने के लिहाज से सबसे लंबी रेंज है। 90 से 99 के बीच का कोड APS यानी आर्मी पोस्टल सर्विस को डेडिकेट किया गया है।

उदाहरण से समझें, पिन कोड का राज-

देश के किसी भी कोने से अगर 834003 पिन कोड पर डाक भेजनी है तो इसमें पहला अंक रीजन का यानी पूर्वी भारत, दूसरा अंक के साथ स्टेट यानी 83 झारखंड राज्य का, इसके बाद 4 रांची जिले का कोड है।

यानी 834 रांची के किसी इलाके का कोड है। अंतिम तीन अंकों- 003 को रांची में हटिया इलाके के लिए निर्धारित किया गया है। यानी 834003 पिन कोड भारत में झारखंड की राजधानी रांची के हटिया क्षेत्र में पार्सल पहुंचाएगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+