जहां जाने से डरते थे लोग, अब ड्रोन करेगा डिलीवरी, क्या है इंडिया पोस्ट की D+0 योजना?
India Post Drone Delivery: महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित और दुर्गम गढ़चिरौली (Gadchiroli) क्षेत्रों में दशकों से जारी कनेक्टिविटी की चुनौती का समाधान करने के लिए भारतीय डाकघर (India Post) अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। डाक विभाग ने भामरागढ़, वैरागढ़ और सिरोंचा तालुकों के 27 दूरस्थ गांवों में ड्रोन डिलीवरी सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।
घने जंगलों और खराब रास्तों के कारण इन आदिवासी इलाकों में डाक और जरूरी सामान पहुंचाने में अक्सर दो दिन लग जाते थे, लेकिन अब विभाग का लक्ष्य 'D+0 डिलीवरी' यानी उसी दिन सेवा प्रदान करना है। यह पायलट प्रोजेक्ट न केवल संचार क्रांति लाएगा, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों में जीवन की रफ्तार और सरकारी सेवाओं की पहुंच को भी निर्णायक रूप से बदल देगा।

D+0 डिलीवरी का लक्ष्य, दुर्गम इलाकों में गति
डाक विभाग का इस ड्रोन सेवा को शुरू करने का मुख्य लक्ष्य D+0 डिलीवरी (उसी दिन डिलीवरी) सुनिश्चित करना है। अब तक, खतरनाक भूभाग और खराब कनेक्टिविटी के कारण इन दूर-दराज के इलाकों में डाक पहुंचाने में अक्सर दो दिन या उससे अधिक (D+2) लग जाते थे।
सेवा की निगरानी कर रहे अधिकारी ललित बोरकर ने पुष्टि की कि ड्रोन डिलीवरी के जरिए अब इन गांवों तक मेडिकल किट, सरकारी दस्तावेज, समाचार पत्र और अन्य जरूरी सामान समय पर पहुंच सकेंगे। इससे न केवल संचार व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में जीवन की रफ्तार भी बदलेगी और सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी।
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सफल ट्रायल के बाद मिली हरी झंडी
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को इसी साल मई में हरी झंडी मिली, जब कर्जत से माथेरान के बीच एक ड्रोन ने 9 किलो वजन का पार्सल सिर्फ 20 मिनट में सफलतापूर्वक पहुंचाया। सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में लगभग दो घंटे लगते हैं। इस सफल पायलट ट्रायल के बाद, अगस्त में चंद्रपुर डाक विभाग को गढ़चिरौली में इसे शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया, जिसके बाद 27 सुदूर गांवों का पहला समूह चयन किया गया। यह ड्रोन सेवा दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी आसान बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
ड्रोन क्रांति से लोगों की जिंदगी होगी आसान
भारतीय डाकघर की इस ड्रोन सेवा पहल का सबसे बड़ा प्रभाव गढ़चिरौली के दूर-दराज के 27 आदिवासी गांवों में पड़ेगा। जहां घने जंगल और खराब कनेक्टिविटी के कारण चिट्ठी और दवाइयाँ पहुंचाने में अक्सर कई दिन लग जाते थे, अब D+0 डिलीवरी का लक्ष्य है। यह ड्रोन क्रांति न केवल संचार व्यवस्था को मजबूती देगी, बल्कि मेडिकल किट और सरकारी दस्तावेज समय पर पहुंचाकर लोगों की जिंदगी को आसान और सुरक्षित बनाने में एक निर्णायक बदलाव लाएगी, खासकर बरसात के महीनों में जब ये क्षेत्र कट जाते हैं।
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