साल 2100 तक 41 करोड़ कम हो जाएगी भारत की आबादी, रिसर्च में आया सामने
नई दिल्ली, 23 जुलाई। भारत आज भले ही चीन के बाद दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है और एक अनुमान के मुताबिक भारत की आबादी अगले 78 सालों में इतनी कम हो जाएगी जिसकी आपने कल्पना भी न की होगी। आंकलन के मुताबिक साल 2100 में भारत की आबादी 41 करोड़ घट जाएगी।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन में आया सामने
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में सामने आया है कि जब जनसंख्या वृद्धि नकारात्मक होती है तो आबाद के ज्ञान और जीवन स्तर में स्थिरता आने लगती है और यह धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। जाहिर सी बात है यह स्थिति ठीक नहीं है। शोध के मुताबिक आने वाले समय में भारत का जनसंख्या घनत्व तेजी से कम होने का अनुमान है। वैसे तो भारत और चीन की आबादी लगभग बराबर पर आ गई है लेकिन दोनों देशों के जनसंख्या घनत्व में भारी अंतर है और भारत का जनसंख्या घनत्व चीन के मुकाबले काफी अधिक है।

78 सालों में तेजी से घटेगा जनसंख्या घनत्व
भारत और चीन के जनसंख्या घनत्व के अंतर को इस आंकड़े से समझा जा सकता है कि भारत में जहां प्रति वर्ग किमी 476 लोगों की आबादी रहती है वहीं चीन में यह आंकड़ा 148 व्यक्ति प्रति किलोमीटर है। अनुमान के मुताबिक साल 2100 तक पहुंचते-पहुंचते भारत का जनसंख्या घनत्व 335 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी हो जाएगा। भारत के जनसंख्या घनत्व में गिरावट का अनुमान विश्व की जनसंख्या में कमी के मुकाबले काफी अधिक है।

22वीं सदी की शुरुआत में 100 करोड़ होगी आबादी
भारत के जनसंख्या घनत्व में कमी का अनुमान देश की आबादी के सिकुड़ने के आधार पर लगाया गया है। अनुमान के मुताबिक साल 2022 में देश की आबादी 141.1 करोड़ है जो 2100 में घटकर 100.3 करोड़ हो जाएगा। संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या विभाग की हालिया रिपोर्ट में इस अनुमान को जगह दी गई है।

चीन की आबादी में होग आश्चर्यजनक कमी
इस बीच दूसरे देशों जैसे चीन और अमेरिका में भी इसी तरह की प्रवृत्ति का अनुमान लगाया गया है। चीन की आबादी में तो आश्चर्यजनक कमी का अनुमान लगाया गया है। साल 2100 में चीन की आबादी घटकर 49.4 करोड़ पहुंच सकती है। यानि 78 सालों में चीन की जनसंख्या में 93.2 करोड़ की कमी देखने को मिल सकती है। यह अनुमान चीन की कम प्रजनन परिदृश्य के आधार पर लगाया गया है।












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