भारत सरकार ने लद्दाख में पैंगोंग झील के करीब दो और जगहों को पर्यटकों के लिए खोला
लद्दाख घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए भारत सरकार ने कई और क्षेत्रों को खोल दिया है। गृह मंत्रालय ने पर्यटकों के लिए दो प्रतिबंधित इलाकों को खोल दिया है। अब पर्यटक यहां पर भी घूमने जा सकते हैं। लद्दाख में उत्तरी पेंगोंग झील के करीब उत्तर में रणनीतिक चैंग चेनमो सेक्टर के दो इलाकों को पर्यटकों के लिए खोलने का फैसला लिया गया है।
पिछले कुछ सालों से चीन के सात सीमा विवाद के बावजूद गृहमंत्रालय ने इन प्रतिबंधित जगहों को पर्यटकों के लिए खोलने का फैसला लिया है।

गृह मंत्रालय की ओर से 14 सितंबर को जो सर्कुलर जारी किया गया था उसके अनुसार विदेशी पर्यटक हेनले में एक रात रुक सकते हैं। यह लेह पूर्व में तकरीबन 254 किलोमीटर दूर स्थित हैं, यहां पर रात में तारों का झुंड आसमान में बेहद खूबसूरत नजर आता है।
लेकिन अब पर्यटक अपनी चार पहिया या मोटरसाइकिल से लेह से तकरीबन 184 किलोमीटर दूर मार्सेमिक ला दर्रा तक जा सकते हैं जोकि 18314 फीट की ऊंचाई पर है। बता दें कि यह चीन के साथ सटे एलएसी के विवादित इलाकों में जाने का रणनीतिक क्षेत्र का प्रवेश द्वार है। यहां से तकरीबन 5 किलोमीटर दूर एलएसी है।
मार्सेमिक ला दर्रा हरे-भरे चारागाहों, सुंदर झील से घिरा है। यह बेहद खूबसूरत है। सरकार के फैसले के बाद यहां पर पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। भारत सरकार द्वारा इस क्षेत्र को पर्यटकों के लिए खोला जाना रणनीतिक फैसला माना जा रहा है। इससे इस क्षेत्र पर भारत का कब्जा और मजबूत होगा।
माना जा रहा है कि अगली कड़ी में त्सोग्तसाल को भी पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। बता दें कि मार्सेमिक ला में रिमदी चू और जांग चेनमो नदियों का संगम है और यहां पर एक चारागह है। यहां पर 21 अक्टूबर 1959 में देश की सीआरपीएफ के शहीद हुए 10 जवानों का स्मारक भी है।












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