ट्रेड वॉर-अम‍ेरिका के खिलाफ अकेले ही WTO में लड़ेगा भारत, भेदभाव से नाराज नई दिल्‍ली

अमेरिका ने पिछले दिनों स्‍टील और एल्‍युमिनियम के प्रॉडक्‍ट्स पर फीस बढ़ाने का ऐलान करके एक नया ट्रेड वॉर छेड़ दिया है। भारत का रुख अमेरिका के इस ऐलान पर काफी सख्‍त है। अमेरिका ने अपने इस नए ऐलान में यूरोपियन यूनियन, ऑस्‍ट्रेलिया, कनाडा और मैक्सिको को छूट दी है।

नई दिल्‍ली। अमेरिका ने पिछले दिनों स्‍टील और एल्‍युमिनियम के प्रॉडक्‍ट्स पर फीस बढ़ाने का ऐलान करके एक नया ट्रेड वॉर छेड़ दिया है। भारत का रुख अमेरिका के इस ऐलान पर काफी सख्‍त है। अमेरिका ने अपने इस नए ऐलान में यूरोपियन यूनियन, ऑस्‍ट्रेलिया, कनाडा और मैक्सिको को छूट दी है। अमेरिका के इस दोहरे रवैये से भारत खासा नाराज है और उसने अब अकेले ही वर्ल्‍ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन यानी डब्‍लूयटीओ में अमेरिका के खिलाफ जाने का मन बना लिया है। आपको बता दें कि इस तरह के कोई भी विवाद डब्‍लूयटीओ में ही सुलझाए जाते हैं।

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नॉर्वे ने किया खुलकर अमेरिका का विरोध

अंग्रेजी डेली टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि पहले सरकार मान रही थी कि उसे इस मसले पर यूरोपियन यूनियन का साथ मिल सकता है। लेकिन अब जबकि इस नए ऐलान से उसे बाहर कर दिया गया है तो सरकार ने अपनी रणनीति को बदलने का मन बना लिया है। सरकार मान रही है कि यूरोयिन यूनियन इस मसले पर उसका साथ छोड़ सकता है। आपको बता दें कि पिछले दिनों दिल्‍ली में डब्‍लूयटीओ का एक सम्‍मेलन आयोजित हुआ था और इस सम्‍मेलन में 50 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इन प्रतिनिधियों में इनके व्‍यापार मंत्री और राजदूत शामिल थे। सम्‍मेलन में ब्राजील, साउथ कोरिया, जापान और यूरोपियन यूनियन ने नाम नहीं लिए बिना अमेरिका का विरोध किया। नॉर्वे अकेला ऐसा देशा था जिसने खुलकर अमेरिका का विरोध किया। आधिकारिक तौर पर सरकार ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ले रही है। जिन जानकारों और पूर्व व्यापार अधिकारियों से संपर्क किया गया है उन्होंने अथॉरिटीज को मजबूत रुख अपनाने की सलाह दी है। हालांकि, भारत का स्टील और एल्‍युमिनियम निर्यात में ज्‍यादा हिस्सा नहीं है।

अमेरिका ने दी भारत को धमकी

भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि अमेरिका भारत को आधे दर्जन निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के लिए डब्‍लूयटीओ में घसीटने की धमकी दे रहा है। उसका तर्क है कि सरकार निर्यात पर सब्सिडी दे रही है, जोकि अंतरराष्‍ट्रीय नियमों के खिलाफ है और अमेरिकी कारोबार-मजदूरों को प्रभावित करता है। पिछले दिनों अमेरिका ने वर्ल्‍ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्‍लूयटीओ) में भारत की निर्यात सब्सिडी को चुनौती दी थी। अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाया कि उसकी ओर से दी जाने वाली निर्यात सब्सिडी से अमेरिकी मजदूरों के हितों पर असर पड़ रहा है। अमेरिका का कहना है कि इस तरह के प्रोग्राम से भेदभाव बढ़ता है और उससे अमेरिकी मजदूरों के हितों पर असर पड़ता है। यूएस ट्रेड रिप्रजेंटेटिव्‍स (यूएसटीआर) की ओर से कहा गया है कि भारत की ओर से चलाए जा रहे आधा दर्जन से भी ज्‍यादा कार्यक्रमों से भारतीय मजदूरों को आर्थिक फायदा होता है।

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