पाकिस्तान की ओर से इस सर्जिकल स्ट्राइक का भारत को रहता है इंतजार

पाकिस्तान की ओर से आने वाले सर्जिकल उपकरण भारत को पसंद हैं, काफी हद तक भारत पाकिस्तान पर निर्भर करता है।

नई दिल्ली। पिछले वर्ष भारत की सेना ने पाकिस्तान में घुसकर यहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकियों को मार गिराया था, भारतीय सेना के इस सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर काफी चर्चा भी हुई थी। लेकिन यहां दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान में बनने वाले सर्जिकल उपकरण भारत को काफी रास आ रहे हैं।

सर्जिकल उपकरण का होता है आयात

सर्जिकल उपकरण का होता है आयात

जी हां भारत सर्जिकल उपकरणों को खरीदने के लए काफी हद तक पाकिस्तान पर निर्भर है। पाकिस्तान के पंजाब में सर्जिकल उपकरण बनाने का बड़ा उद्योग है जो ना सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर के तमाम देशों को सर्जिकल उपकरण निर्यात करता है। पाकिस्तान की ओर से बड़ी संख्या में आने वाले यह उपकरण देशभर में भेजे जाते हैं।

तमाम उपकरण होते हैं निर्यात

तमाम उपकरण होते हैं निर्यात

भारत पाकिस्तान के बीच पिछले काफी समय से संबंध काफी खराब चल रहे हैं, बावजूद इसके भारत पाकिस्तान से तमाम सर्जिकल उपकरण अभी भी खरीद रहा है। भारत पाकिस्तान से कैंची, चिमटी, रिटैक्टर, नीडल होल्डर सहित तमाम सर्जिकल उपकरण भार पाकिस्तान से आयात करता है। इन उपकरणों को ना सिर्फ भारत में इस्तेमाल किया जाता है बल्कि इसे तमाम अफ्रीकी देशों में भी निर्यात किया जाता है।

काफी सस्ते और अच्छे हैं पाकिस्तान के उपकरण

काफी सस्ते और अच्छे हैं पाकिस्तान के उपकरण

पाकिस्तान में सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट बनाने वाली कंपनी का कहना है कि भारत ने कई बार इन उपकरणों को बनाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें इसमे सफलता नहीं मिल सकी। लियो मैन्युफैक्चरर्स के मालिक विपिन यादव का कहना है कि पाकिस्तान में जो उपकरण बनते हैं वह हैमर फोर्जिंग की तकनीक से बनते हैं, इस तकनीक को लगाने में बहुत खर्च आता है, एक तरफ जहां हम दिन में सिर्फ 50 उपकरण बनाते हैं तो वहीं पाकिस्तान में हैमर फोर्जिंग तकनीक से 5000 उपकरण बनाए जाते हैं और इसकी कीमत भी कम होती है।

40 फीसदी हल्के उपकरण भारत आते हैं

40 फीसदी हल्के उपकरण भारत आते हैं

भारत में पाकिस्तान की ओर से सबसे अधिक सर्जिकल इंस्ट्रुमेंट जालंधर में निर्यात किए जाते हैं, यह तमाम उपकरण समझौता एक्सप्रेस से आते हैं। भारत में कुछ और सप्लायर दिल्ली, चेन्नई और मुंबई में हैं। यह तमाम उपकरण पाकिस्तान के सियालकोट से सीधे आते हैं। भारत में हल्के औजारों की मांग के चलते पाकिस्तान में इन औजारों को काफी हल्का बनाया जाता है। पाकिस्तान की ओर से तकरीबन 40 फीसदी हल्के उपकरण निर्यात किए जाते हैं, अकेले जालंधर में पांच करोड़ रुपए का उपकरण आयात किया जाता है।

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