चाबहार बंदरगाह पर सहयोग जारी रखेंगे भारत और ईरान, जताई आपसी सहमति
चाबहार पोर्ट पर सहयोग जारी रखने की यह प्रतिबद्धता ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन की भारत यात्रा के दौरान की गई।
नई दिल्ली, 9 जून: ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियन (Hossein Amir Abdollahian)भारत दौरे पर हैं। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष के साथ बुधवार को अफगानिस्तान, यूक्रेन एवं अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत में उन्होंने कारोबार, स्वास्थ्य, लोगों के बीच संपर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। दोनों देशों ने मध्य एशिया समेत इस क्षेत्र के लिए एक ट्रांजिट हब के रूप में चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए आपसी सहयोग को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। जानकारी के मुताबिक प्रमुख बंदरगाह के परिचालन को लेकर चर्चा के लिए दोनों ही देशों के प्रतिनिधि जल्द ही मिलेंगे।

भारत के चाबहार पोर्ट अहम
बता दें कि, भारत के लिए चाबहार पोर्ट काफी अहम है क्योंकि इससे भारत के लिए मध्य एशिया से जुड़ने का सीधा रास्ता बन जाता हैा। इससे अफगानिस्तान और रूस से भारत का जुड़ाव और मजबूत हो जाएगा। चाबहार पोर्ट और ग्वादर पोर्ट के बीच 100 किमी की दूरी है। यह क्षेत्र के भू-आबद्ध देशों के लिए भारत और वैश्विक बाजार तक पहुंचने का एक अधिक किफायती और स्थिर मार्ग है।
चाबहार बंदरगाह पर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता
चाबहार बंदरगाह पर सहयोग जारी रखने की यह प्रतिबद्धता ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन की भारत यात्रा के दौरान की गई। अगस्त 2021 में पदभार ग्रहण करने के बाद बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे अब्दुल्लाहियन की यह पहली भारत यात्रा है। अपनी यात्रा के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजीत डोभाल के साथ एक अहम बैठक भी की।
महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई
ईरानी विदेश मंत्री ने संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) से संबंधित मौजूदा स्थिति के बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर को जानकारी दी। दोनों मंत्रियों ने यूक्रेन संघर्ष और इसके परिणामों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।विदेश मामलों के मंत्री (MEA) के अनुसार, भारत और ईरान घनिष्ठ ऐतिहासिक संबंधों को साझा करते हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'हमारे द्विपक्षीय संबंध संस्थानों, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच मजबूत संबंधों से चिह्नित हैं।'
द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान, जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष ने राजनीतिक, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंधों सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की। जयशंकर ने ईरान में रहने वाले अफगान नागरिकों को COVID-19 टीकों की आपूर्ति सहित अफगानिस्तान को भारत की चिकित्सा सहायता की सुविधा में ईरान की भूमिका की सराहना की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय संपर्क के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के महत्व को स्वीकार किया और शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल, चाबहार बंदरगाह में हुई प्रगति की समीक्षा की। बैठक में दोनों मंत्रियों ने चाबहार बंदरगाह के विकास पर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता प्रकट की । परिचालन पहलुओं को संबोधित करने के लिए दोनों देशों की टीमें जल्द ही बैठक करेंगी।
अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा
मंत्रियों ने अफगानिस्तान सहित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। साथ ही दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान के लोगों को तत्काल मानवीय सहायता प्रदान करने के महत्व के विषय पर वार्ता की। भारत और ईरान ने शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान के समर्थन में एक प्रतिनिधि और समावेशी राजनीतिक प्रणाली की आवश्यकता को दोहराया।
यूक्रेन युद्ध पर गहन वार्ता
दोनों ही देशों के मंत्रियों ने यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध को लेकर भी चर्चा की है। बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, ईरान के विदेश मंत्री आमिर अब्दुल्लाहियन के साथ विविध विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। हमने कारोबार, संपर्क, स्वास्थ्य, लोगों के बीच संपर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।
विदेश मंत्री ने कहा, अफगानिस्तान, यूक्रेन, संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान प्रदान किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब्दुल्लाहियन नई दिल्ली में बैठकों के बाद मुंबई और हैदराबाद की भी यात्रा करेंगे।












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