भारत का अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मिशन, पाक के खिलाफ वैश्विक मंच पर रखेगा अपना पक्ष
India International Diplomatic Mission: भारत सरकार जल्द ही एक बहुपक्षीय कूटनीतिक दौरे की शुरुआत करने जा रही है, जिसका उद्देश्य कश्मीर मुद्दे और सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत का पक्ष वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखना है।
इस दौरे में विभिन्न राजनीतिक दलों-जैसे एनडीए, कांग्रेस, बीजेडी आदि-के सांसद शामिल होंगे, जो अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण अफ्रीका, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों का दौरा करेंगे। यह दौरा 22 मई के बाद शुरू होगा और जून के पहले सप्ताह में समाप्त होने की संभावना है।

India Diplomatic Mission: किरन रिजिजू कर रहे समन्वय
इस अंतरराष्ट्रीय पहल का नेतृत्व संसद कार्य मंत्री किरन रिजिजू कर रहे हैं, जो इस पूरे कार्यक्रम का समन्वय कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) दौरे की योजना और उद्देश्य के बारे में सांसदों को विस्तृत जानकारी देगा। सांसदों को दिल्ली में इकट्ठा होकर आवश्यक यात्रा दस्तावेज तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में 5-6 सांसद होंगे, जिनमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनके साथ विदेश मंत्रालय का एक अधिकारी और एक सरकारी प्रतिनिधि भी शामिल रहेगा। इन सांसदों का मुख्य कार्य विभिन्न देशों के नेताओं को भारत का रणनीतिक दृष्टिकोण समझाना और अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल करना होगा।
India Diplomatic Mission:'ऑपरेशन सिंदूर' रहेगा चर्चा का केंद्रबिंदु
भारत सरकार ने 6-7 मई की रात को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। यह अभियान पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर केंद्रित था। इस कार्रवाई को लेकर भारत सरकार अब विश्व समुदाय को अपने सुरक्षा दृष्टिकोण से अवगत कराना चाहती है।
इस बीच कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर 'ऑपरेशन सिंदूर' को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए इस बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होगी, बशर्ते उन्हें आमंत्रण मिले।
उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि हमने सर्वदलीय बैठक की मांग की थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी उसमें शामिल नहीं हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने विशेष संसद सत्र बुलाने के लिए पत्र लिखा, लेकिन वह भी नहीं बुलाया गया।
India Diplomatic Mission: राष्ट्रहित में राजनीतिक एकता का संदेश
भारत सरकार द्वारा किया गया यह बहुपक्षीय कूटनीतिक प्रयास अपनी तरह का पहला है, जिसमें विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के सांसद मिलकर भारत का पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रखेंगे। हालांकि राजनीतिक मतभेद स्पष्ट हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मुद्दे पर सभी दल एकजुट होते नजर आ रहे हैं। यह दौरा भारत की विदेश नीति में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रहा है।












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