MP News: महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य व सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, भारत अजमेर से शुरू होकर मध्य प्रदेश तक विस्तारित, 14 से 15 वर्ष की लड़कियों के लिए एक राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू करता है। यह कार्यक्रम सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में मुफ्त टीकाकरण प्रदान करता है, जिसमें माता-पिता की सहमति और 90 दिनों की पात्रता अवधि शामिल है। यह जिला अस्पतालों में मधुमेह देखभाल के लिए मिशन मधुहारी भी शुरू करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अजमेर (राजस्थान) से राष्ट्रव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली से वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल हुए और इसे बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत बेटियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए ठोस कदम उठा रहा है और एचपीवी टीकाकरण अभियान उसी संकल्प का हिस्सा है। मध्यप्रदेश में इस अभियान के तहत लगभग 8 लाख किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र से 7 लाख 58 हजार 500 से अधिक वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुकी हैं।
यह टीका 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की पात्र बालिकाओं को लगाया जाएगा। अभियान प्रारंभ होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की होने वाली बालिकाएँ भी पात्र होंगी। निर्धारित अनुसार 0.5 मि.ली. की एकल खुराक इंट्रामस्कुलर इंजेक्शन के माध्यम से दी जाएगी। बाज़ार में लगभग 4,000 रुपये कीमत वाला यह टीका शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान आगामी तीन माह तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है और इससे बचाव के लिए एचपीवी टीका अत्यंत प्रभावी उपाय है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के उज्ज्वल और कैंसर-मुक्त भविष्य के लिए टीकाकरण अवश्य कराएं।
केवल शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा टीकाकरण
एचपीवी टीकाकरण केवल शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों—आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और शासकीय मेडिकल कॉलेजों में किया जाएगा। टीकाकरण के बाद बालिका को 30 मिनट तक चिकित्सकीय अवलोकन में रखा जाएगा। यह अभियान पूर्णतः स्वैच्छिक है और अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी।
"मिशन मधुहारी" की भी शुरुआत
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत राज्य में "मिशन मधुहारी" की शुरुआत भी की जा रही है। इसके अंतर्गत टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों और युवाओं के लिए सभी जिला अस्पतालों में साप्ताहिक क्लिनिक संचालित होंगे, जहां इंसुलिन जांच और विशेषज्ञ परामर्श एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। भोपाल स्थित डॉ. कैलाशनाथ काटजू अस्पताल से राज्यस्तरीय अभियान का शुभारंभ किया गया। राज्य सरकार ने दोहराया कि महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की दिशा में हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।












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