Tariff War: 'बंदूक की नोंक पर नहीं होगी बातचीत', टैरिफ वॉर पर भारत का US पर पलटवार
Tariff War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा US में इंपोर्ट किए जाने वाले वस्तुओं पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को लेकर भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत किसी भी समझौते के लिए दबाव में आकर निर्णय नहीं लेगा।
टैरिफ 90 दिन के लिए स्थगित
यह बयान तब आया है जब अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 90 दिनों के लिए स्थगित किया है। इस कदम को दोनों देशों के लिए एक संक्षिप्त अवसर के रूप में देखा जा रहा है ताकि वे द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को अंतिम रूप दे सकें।

'भारत पर कोई भी निर्णय थोपे नहीं जा सकते'
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत पर कोई भी निर्णय थोपे नहीं जा सकते और न ही वह दबाव में आकर कोई समझौता करेगा। खासकर जब बात देश और उसके नागरिकों के हितों की रक्षा की हो। पत्रकारों से बात करते हुए गोयल ने कहा, 'हमने पहले भी कई बार कहा है कि हम बंदूक रखकर कभी नेगोशिएट नहीं करते हैं।'
जल्दबाजी करना उचित नहीं- गोयल
उन्होंने आगे कहा, समय की सीमाएं अच्छी होती हैं क्योंकि वे बातचीत को गति देती हैं, लेकिन जब तक हम देश और जनता के हितों की रक्षा नहीं कर पाते, तब तक जल्दबाजी करना उचित नहीं है। देश की सभी व्यापार वार्ताएं इंडिया फर्स्ट की भावना में अच्छी तरह से आगे बढ़ रही हैं और 'विकसित भारत 2047' के रास्ते को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हैं।'
BTA की दिशा में प्रगति
भारत और अमेरिका ने नई दिल्ली में व्यापक टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToRs) को अंतिम रूप देने के बाद अब सेक्टर-विशिष्ट मुद्दों पर वर्चुअल मोड में बातचीत तेज़ कर दी है। इन ToRs का उद्देश्य एक पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार करना है, जिसमें टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने, बाज़ार तक पहुंच बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर ज़ोर दिया गया है।
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भारत चाहता है जल्द सौदा पक्का हो- जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी शुक्रवार (11 अप्रैल) को संकेत दिया कि भारत इस व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देना चाहता है, हालांकि उन्होंने वार्ताओं के बारे में कोई विशेष जानकारी साझा नहीं की।
उन्होंने कहा, प्रशासन में परिवर्तन के एक महीने के भीतर हमारे बीच यह सैद्धांतिक सहमति बन गई है कि हम एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता करेंगे, जो दोनों के लिए उपयुक्त होगा क्योंकि हमारी अपनी चिंताएं भी हैं। और यह प्रक्रिया अनंतकाल तक नहीं चल सकती।
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