वैश्विक मंच पर भारत का परचम: इंडो-कोरियन कनेक्ट 2025 में दासगुप्ता ब्रदर्स का हुआ भव्य सम्मान
Indo Korean Connect 2025: भारत के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण बना, जब दासगुप्ता ब्रदर्स - डॉ. साई कौस्तुव और डॉ. कुशाल - को इंडो-कोरियन कनेक्ट 2025 के मंच पर सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन का आयोजन एआईबीटी - एक्सेस ऑफ इंटरनेशनल बाइलेटरल ट्रेड, यूएई और एनकेटीएल ग्रुप ने संयुक्त रूप से किया।
बेंगलुरु के सैयाक्स सीईओ सेंटर, कोथनूर में हुए इस सम्मेलन में भारत, कोरिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के 200 से अधिक प्रतिष्ठित पेशेवर, नीति-निर्माता और कारोबारी नेता शामिल हुए।

मंच पर आई दिग्गज हस्तियां
इस भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए कई गणमान्य उपस्थित रहे। इनमें श्री दिनेश गुंडू राव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, कर्नाटक; हिज रॉयल हाइनेस नवाब मीर नजफ़ अली खान (हैदराबाद के निज़ाम के पोते); कू जययोंग, संस्थापक, एआईबीटी; एडवोकेट शैन रसेल, सह-संस्थापक, एआईबीटी; श्री नवीन कवाल, संस्थापक एवं निदेशक, एनकेटीएल; श्री मज़हर नवाज़, निदेशक आर्यन हॉस्पिटैलिटी एवं चेयरमैन आर्यन एजुकेशन एकेडमी; और मिसेज कर्नाटक शुभा श्रीराम विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और सतत विकास को समर्पित इस अंतरराष्ट्रीय मंच की भव्यता इनकी मौजूदगी से और बढ़ गई।
"खुशियों का पुल" बनाने का संदेश
भारत के "व्हीलचेयर वॉरियर" कहे जाने वाले डॉ. साई कौस्तुव दासगुप्ता ने अपने जीवन को संघर्ष और आनंद की मिसाल बना दिया है। वे सर्टिफाइड हैप्पीनेस कोच, ग्लोबल TEDx स्पीकर और हैप्पीनेस अनलिमिटेड के संस्थापक हैं। अब तक वे 1,500 से अधिक वैश्विक सत्रों का नेतृत्व कर चुके हैं, जिनमें उन्होंने वेलबीइंग, समावेशन और मानसिक शक्ति पर बात की। 90% शारीरिक अक्षमता के बावजूद केवल एक उंगली से डिज़ाइन की गई उनकी पुरस्कार विजेता रचनाएँ यह सिद्ध करती हैं कि रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं होती। भारत के राष्ट्रपति से सम्मानित और अमेरिका की D-30 Disability Impact List में शामिल कौस्तुव की यह उपलब्धि बाधाओं को "खुशियों के पुल" में बदलने की उनकी यात्रा का प्रमाण है।
नवाचार की वैश्विक पहचान
डॉ. कुशाल दासगुप्ता एक दूरदर्शी फिल्ममेकर, गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक और युवा नवप्रवर्तक हैं। उनकी फिल्म Incredible Insight को अब तक आठ अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं और यह लंदन, पुर्तगाल, अमेरिका, भूटान और भारत जैसे देशों में प्रदर्शित की गई है। कम उम्र में ही 15 से अधिक राष्ट्रीय और विश्व रिकॉर्ड हासिल कर चुके कुशाल को टॉप 30 मोस्ट टैलेंटेड पर्सनैलिटीज़ में गिना जाता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के समर्थन के साथ-साथ ग्रामीण सशक्तिकरण और कौशल विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इंडो-कोरियन कनेक्ट 2025 में उनका सम्मान उनकी पहचान को वैश्विक इनोवेटर और चेंजमेकर के रूप में और मजबूत करता है।
प्रेरणा का अंतरराष्ट्रीय मंच
इंडो-कोरियन कनेक्ट 2025 केवल व्यापारिक सहयोग का मंच नहीं था, बल्कि यह उन व्यक्तित्वों का उत्सव भी था, जिनकी यात्राएं राष्ट्रों को प्रेरित करती हैं। दासगुप्ता ब्रदर्स का सम्मान दर्शकों के लिए भारत की रचनात्मकता, समावेशन और दृढ़ता की उभरती पहचान का प्रतीक बना। उनके शब्दों में - "हमारी यात्रा केवल व्यक्तिगत सफलता की नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे विश्व के निर्माण की कोशिश है, जहां विविधता, समानता और मानवता साथ-साथ खिलखिलाए।"












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