मदद में आगे भारत झेलता नेपाल के तानें
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) हालांकि भूकंप से उजड़े नेपाल में भारत पुनर्वास और बचाव के लिए हरचंद कोशिश कर रहा है, पर नेपाल के काठमांडू स्थित त्रिभुवन एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारी कह रहे हैं कि भारतीय वायुसेना उन्हें सही तरह से सूचित नहीं कर रही कि भारत से कब और कितनी राहत सामग्री के साथ विमान आ रहे हैं। इसके चलते त्रिभुवन एयरपोर्ट में अव्यवस्था फैल रही है।

त्रिभुवन एयरपोर्ट में अव्यवस्था
भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि त्रिभुवन एयरपोर्ट में अव्यवस्था इसलिए भी फैल रही है क्योंकि वहां पर दुनियाभर से राहत लेकर विमान पहुंच रहे हैं। इनमें चीन और यूरोप के देशों के विमान खास हैं। जानकारों का कहना है कि त्रिभुवन एयरपोर्ट के अधिकारियों से सारे मसले पर बात कर ली जाएगी और गलतफहमी दूर हो जाएगी।
इस बीच, राजधानी में दिल्ली यूनिवर्सिटी के नेपाली मूल के छात्र नेपाल में भूकंप राहत के लिए लोगों से हर तरह की मदद मांग रहे हैं। ये लगातार डीयू और आसपास के इलाकों में घूम रहे हैं। इसी तरह से नेपाल दूतावास भी आमजनों से मदद ले रहा है। वहां पर बहुत से हिन्दुस्तानी कपड़े, बर्तन, चादरें देने पहुंच रहे हैं। कुछ और स्वयंसेवी संस्थाएं भी इस काम में जुट गई हैं।
राहत व बचाव कार्य
इस बीच, नेपाल में भारत की तरफ से राहत व बचाव कार्य पूरी तेजी से चल रहा है। भारत ने वायुसेना के 12 विमान राहत कार्य के लिए झोंके हुए हैं। पुणे के आईएमए से भी बहुत भी दो मेडिकल टीमें काठमांडू में हैं। कई भरतीय मेडिकल टीमों समेत कई मेडिकल टीमें भी घायलों को उपचार मुहैया करा रही हैं।
पोखरा हवाई पट्टी
ज्यादातर बचाव कार्य काठमांडू शहर में ही केंद्रित हैं। बचाव टीमें सभी इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। पोखरा हवाई पट्टी अभी शुरू नहीं होने के कारण बचाव कार्य पूरी गति नहीं पकड़ पाया।












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