LAC पर चीन को जवाब देने के लिए तैनात पहाड़ों पर युद्ध करने वाली Indian Army की स्पेशल फोर्स!
नई दिल्ली। भारत ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन की घुसपैठ को रोकने के लिए उस बल को तैनात कर दिया है जिसे पहाड़ों में लड़ाई का अनुभव है। भारत की तरफ से यह कदम पिछले दिनों गलवान घाटी में हुए हिंसक टकराव के बाद उठाया गया है। 15/16 जून को गलवान घाटी में हुए हिंसक टकराव में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। भारत और चीन के बीच पांच मई से पूर्वी लद्दाख में टकराव की स्थिति है।

चीन को जवाब देंगे खास जवान
सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत ने करीब 3500 किलोमीटर लंबी एलएसी पर ऊंचाई पर युद्ध कर सकने में सक्षम खास बल को तैनात कर दिया है। सरकार के सूत्रों की मानें तो चीन की तरफ से लगातार आक्रामकता बढ़ती जा रही है। जिस खास बल को पहाड़ों पर तैनात किया गया है उसके पास करीब एक दशक तक उत्तरी सीमा का अनुभव है। अब अगर चीन ने कोई हिमाकत की तो इसी बल को लड़ाई के लिए भेजा जाएगा। भारतीय सेना पहाड़ों की ऊंची चोटी पर युद्ध लड़ने में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। साल 1999 में हुई कारगिल की जंग में सेना की इस ताकत का लोहा दुनिया ने भी माना था।

फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात जवान
पिछले दिनों यह जानकारी भी सामने आई थी कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश से लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम में एलएसी पर अपने जवानों की संख्या बढ़ा दी है। भारत की तरफ से भी जवानों को रवाना किया गया। चीन के इस कदम के बाद भारत ने भी कड़ा कदम उठाया और एलएसी पर अपने जवानों की संख्या को बढ़ा दिया। चीन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए भारत ने भी अपने जवानों को इन सभी सेक्टर्स में फॉरवर्ड लोकेशन पर रवाना कर दिया है।
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फॉरवर्ड लोकेशंन पर माउंटेन स्ट्राइक कोर रेडी
हिमाचल पर तैनात सैनिक एक कोर की रिजर्व ब्रिगेड के पास इलाके की जिम्मेदारी है जिसमें हिमाचल प्रदेश भी शामिल है। इस ब्रिगेड को लद्दाख सेक्टर में भेजा गया ताकि बैकअप मुहैया कराया जा सके और साथ ही कारू में इस ब्रिगेड के जवान गए हैं। यहां पर ये जवान कारू में स्थित इंफ्रेंट्री डिविजन के लिए भेजे गए हैं। ईस्टर्न सेक्टर जहां से चिकेन्स नेक कॉरिडोर शुरू होता है वहां, सुकना स्थित 33 कोर और तेजपुर स्थित 4 कोर के जवानों को भी फॉरवर्ड लोकेशंस पर तैनात किया गया है।

पहाड़ों पर नहीं लड़ सकती चीनी सेना
इसके अलावा 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर भी तैनाती के लिए रेडी है। पिछले दिनों चीन के मिलिट्री एक्सपर्ट हुआंग गोउझी ने कहा था कि भारत की सेना पहाड़ो पर दुनिया में किसी और देश के मुकाबले बेहतरी से जवाब दे सकती है। उनका कहना था कि इस समय अमेरिका, रूस या फिर यूरोप के किसी देश के पास यह ताकत नहीं है लेकिन सिर्फ भारत ही इस युद्ध कौशल में माहिर है। हुआंग गोउझी मॉर्डन वेपेनरी मैगजीन के सीनियर एडिटरर हैं।












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