India-China tension: गलवान घाटी में फिलहाल शांति, कई इलाकों में जमे हुए हैं चीनी सैनिक
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच 15 जून को पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक टकराव के बाद फिलहाल इस हिस्से में शांति है। गलवान सेक्टर में सोमवार को मेजर जनरल स्तर की वार्ता के बाद स्थिति उस समय काफी तनावपूर्ण हो गई थी जब चीनी सैनिकों ने अचानक कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) कर्नल संतोष बाबू और उनकी टीम पर हमला कर दिया था। इस हमले में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक फिलहाल इस सेक्टर में शांति हैं लेकिन चार अहम बिंदुओं पर टकराव बना हुआ है।

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पीपी 14 से लेकर पीपी 17 तक चीनी जवान
दोनों देशों के मिलिट्री कमांडर्स गलवान सेक्टर में बातचीत करने में लगे हुए हैं। इंटेलीजेंस एजेंसियों के मुताबिक पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के जवान छह जून को हुई कोर कमांडर मीटिंग के बाद पीछे नहीं हटे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो भारत और चीन के बीच पेट्रोलिंग प्वाइंट (पीपी) 14 यानी गलवान, पीपी 15 (कोंगका ला) और पेट्रोलिंग प्वाइंट 17 यानी हॉट स्प्रिंग्स के इलाकों में टकराव की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि इसे सुलझाने में कई हफ्तों का समय लग सकता है। वहीं पैंगोंगे त्सो पर टकराव का समाधान हासिल करने में और ज्यादा समय लगने की आशंका है।
शिनजियांग में चीनी जेट्स ने की लैंडिंग
पूर्वी लद्दाख में हालांकि चीन की वायुसेना की तरफ से कुछ सकारात्मक पहल देखने को मिली है। गुरुवार रात चीन के फाइटर जेट्स की उड़ाने बंद रही। दोनों देशों की सेनाएं फिलहाल कुछ नियमों को मान रही हैं। 15 जून की स्थिति के बाद चीन की सेनए शिनजियांग और तिब्बत ऑटोनोमस रीजन (टीएआर) में पूरी ताकत के साथ तैनात है। पीएलए एयरफोर्स की तरफ से शिनजियांग और टीएआर में अपने एयरबेसेज को पूरी तरह से एक्टिवेट कर दिया गया है। यहां पर गुरुवार रात को अक्साई विन इलाके में फाइटर जेट्स ने लैंडिंग की है।












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