'शिकार' पर निकले अरुणाचल प्रदेश के 5 युवाओं के अपहरण पर क्यों चुप है चीन

नई दिल्ली- अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार से लापता 5 युवाओं के बारे में चीन की संदिग्ध चुप्पी से उसके इरादों पर शक गहराता जा रहा है। खबरों के मुताबिक ये लड़के छोटे-मोटे शिकार पर निकले थे और उन्हें अगवा कर लिया गया। अपहरण का शक चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी पर ही जाता है, क्योंकि वह इलाके में ऐसी हरकतें पहले भी कर चुका है। चीन के इरादे पर संदेह गहराने की वजह ये है कि भारतीय सेना की ओर से भेजे गए हॉटलाइन संदेश का जवाब देने में भी उसने बहुत वक्त जाया कर दिया है। उलटे जब सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसपर कुछ भी बोलने से ही इनकार कर दिया और इसके बदले अरुणाचल प्रदेश को एकबार फिर से दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बता दिया।

5 युवाओं के अपहरण की बात क्यों छिपा रहा है चीन ?

5 युवाओं के अपहरण की बात क्यों छिपा रहा है चीन ?

चीन की सेना की ओर से अरुणाचल प्रदेश के 5 लोगों को कथित तौर पर अगवा करने के मामले में चीन की चुप्पी से पीएलए पर संदेह बढ़ता जा रहा है। सवाल उठता है कि जब भारतीय सेना की ओर से उसे हॉटलाइन संदेश भेजा गया है तो वह जवाब देने में देरी क्यों कर रहा है? अगर उन पाचों की गुमशुदगी में उसका कोई हाथ नहीं है तो फिर यह जानकारी साझा करने में देरी क्यों हो रही है? उलटे सोमवार को जब चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ ल‍िज‍िन से उन युवाओं के बारे में सवाल पूछा गया तो उसने कुछ भी नहीं कहा और बजाय इसके अरुणाचल को चीन का हिस्सा बताने वाला राग फिर से अलापना शुरू कर दिया। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के नाचो इलाके के रहने वाले टैगिन समुदान के 5 लड़के शुक्रवार से लापता हैं।

अभी तक उन युवाओं के बारे में नहीं है सूचना-पुलिस

अभी तक उन युवाओं के बारे में नहीं है सूचना-पुलिस

गौरतलब है कि रविवार को अरुणाच पश्चिमी से भाजपा सांसद और केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट करके बताया था कि, 'चाइनीज पीएलए की ओर से मेदाम्बा राइ/ मेयाबा राइ सीमा इलाके से 5 अरुणाचलियों के अपहरण के सिलसिले में मिली सूचना को लेकर भारतीय सेना अरुणाचल प्रदेश में सीमा केंद्र से पीएलए एस्टेब्लिशमेंट के समकक्ष को हॉटलाइन संदेश भेज चुकी है।' किरेन रिजिजू संसद में इसी इलाके का प्रतिनिधित्व करते हैं। अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने सोमवार को कहा है कि उन युवाओं के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। उन युवाओं के लापता होने की सूचना उनके परिवार वालों ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस को दी थी।

जिला मुख्यालय से 130 किलोमीटर दूर है इलाका

जिला मुख्यालय से 130 किलोमीटर दूर है इलाका

नाचो जिला मुख्यालय दापोरिजो से करीब 130 किलोमीटर दूर है और ऊंचाई वाले जंगलों की वजह से वहां पहुंचना बहुत ही मुश्किल है। कहा जा रहा है कि वे लड़के शिकार पर निकले थे। हालांकि, लापता युवाओं में से एक प्रसाद रिगलिंग के भाई प्रकाश रिंगलिंग का कहना है कि उसका भाई सेना के लिए पोर्टर का काम करता है। बाकी गुमशुदाओं की पहचान टोच सिंगकाम,दोंगतु एबिया, तानु बेकर और नागरी दीरी के तौर पर हुई है। इन युवकों से साथ दो और लोग भी थो जो बच निकलने में सफल रहे।

पहले भी ऐसी करतूत कर चुके हैं चाइनीज

पहले भी ऐसी करतूत कर चुके हैं चाइनीज

इन युवाओं के चीनी सेना की गिरफ्त में जाने की आशंका इसीलिए जताई जा रही है, क्योंकि पहले ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई मौकों पर पीएलए ने एलएसी के पास भारतीय नागरिकों को अगवा किया है। इसी साल मार्च में 21 साल के टोगले सिंकम को जिले के असापिला सेक्टर से बंदूक की नोक पर उठा लिया गया था, जबकि उसके दो दोस्त किसी तरह से बचकर भाग निकलने में कामयाब रहे थे। करीब 9 दिनों बाद चाइनीज आर्मी ने उसे रिहा किया था। इस मसले पर प्रदेश में विपक्ष सरकार भी सरकार पर सवाल उठा रहा है। अरुणाचल कांग्रेस ने कहा है कि गांव वालों का दावा है वे लोग शिकार करने के लिए गए थे, तभी उनका अपहरण हो गया। लेकिन, 'कोई आधिकारिक रिपोर्ट क्यों नहीं जारी की गई? चीन लगातार अन्जॉ,ऊपरी सियांग, ऊपरी सुबनसिरी, दिबांग वैली और तवांग जिलों में लगातार उकसावे वाले कार्यों में लिफ्त है।'

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