'यह 1962 का युग नहीं है, यह 2022 में पीएम मोदी का युग है', भारत चीन तनाव पर बोले अरुणाचल CM पेमा खांडू
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा को आश्वासन दिया कि "हमारी सेनाएं हमारी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ किए गए किसी भी कोशिश को विफल करना सेना जारी रखेगी।''

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भारत-तिब्बत सीमा पर स्थिति के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अदूरदर्शिता को जिम्मेदार ठहराया है। मुंबई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा, ''शिमला समझौते के बाद, तवांग सहित पूरे अरुणाचल प्रदेश को भारत का क्षेत्र बना दिया गया था। सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसमें निर्णायक भूमिका निभाई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री (जवाहरलाल नेहरू) द्वारा समय पर कोई निर्णय लेने में विफलता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।"
उन्होंने कहा, 'तवांग को भारत में शामिल करने का विचार सरदार पटेल का था और राज्यपाल दौलतराम को तवांग में तिरंगा फहराने के लिए कहा भी था। राज्यपाल ने मेजर बॉब खाथिंग को तिरंगा फहराने को कहा, तवांग पहुंचकर उन्होंने केंद्र से अनुमति मांगी लेकिन कोई आदेश नहीं होने के कारण खाथिंग ने खुद वहां झंडा फहराया।''
'यह 2022 है पीएम मोदी का युग'
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने आगे कहा, ''09 दिसंबर को तवांग में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी जब यांग्त्से सेक्टर में चीनी वहां आ गए। मैं यांग्त्से सेक्टर और मुंबई से विधायक हूं, जिसका मतलब है कि वहां स्थिति सामान्य है। यह 1962 का युग नहीं है, यह 2022 में पीएम मोदी का युग है।''
'इतिहास के साथ छेड़छाड़ हुई, हमारी सरकार उसे ठीक कर रही है'
मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा, ''इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है और वर्तमान सरकार इस छेड़छाड़ को ठीक करने का काम कर रही है।'' सीएम पेमा खांडू ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपने गुमनाम नायकों को पहचान दे रहा है और उन्हें पाठ्यक्रम में जगह दी जा रही है।''
सीएम खांडू ने कहा,'' 2014 से पहले गृह मंत्री कभी-कभी पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा करते थे जो केवल गुवाहाटी तक ही सीमित था। आज हर 15 दिन में कोई न कोई केंद्रीय मंत्री पूर्वोत्तर के किसी न किसी राज्य में जाकर अपने विभाग के तहत हो रहे कार्यों की न केवल समीक्षा करता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि काम सही तरीके से हो रहा है।'' उन्होंने कहा कि अब नॉर्थ ईस्ट की पहचान अलगाववाद, भ्रष्टाचार और नशे के खतरे से पूरी तरह बदल चुकी है और अब यहां निवेश का माहौल तेजी से विकसित हो रहा है।












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